छत्तीसगढ़: ₹261 दिहाड़ी मांग रहे मिड-डे मील रसोइयों पर 'बलवा' का केस दर्ज
रायपुर । संवाददाता: रायपुर के नवा रायपुर इलाके में अपनी न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे करीब 500-600 स्कूल रसोइयों पर पुलिस ने 'बलवा' और 'गलत तरीके से रास्ता रोकने' की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. ये रसोइये पिछले 34 दिनों से तूता मैदान में धरने पर बैठे थे, लेकिन मांगें पूरी न होने पर गुरुवार रात उन्होंने मंत्रालय की ओर कूच किया और सड़क जाम कर दी.
वर्तमान में इन रसोइयों को मात्र 66 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय मिलता है. रसोइयों की मांग थी कि उनकी मजदूरी बढ़ाकर 440 रुपये की जाए, जिसे बाद में उन्होंने घटाकर मनरेगा दर के समान 261 रुपये प्रतिदिन करने की अपील की.
छत्तीसगढ़ स्कूल मध्याह्न भोजन रसोइया संयुक्त संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार ने उन्हें केवल 500 रुपये प्रति माह की वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया. प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि महंगाई के इस दौर में 66 रुपये में गुजारा करना असंभव है.
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मुख्य मार्ग बाधित करने और बार-बार समझाने के बावजूद रास्ता न छोड़ने के कारण भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) और 191(2) के तहत FIR दर्ज की गई है, हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
संघ के अध्यक्ष रामराज कश्यप ने 'बलवा' की धारा लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने किसी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया, वे केवल अपना हक मांग रहे हैं.