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रायपुर: 3 सेप्टिक टैंक सफाई कर्मी की मौत पर NHRC ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

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24 मार्च 2026, 02:37 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

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रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तीन सफाईकर्मियों की दर्दनाक मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने रायपुर के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है.


यह दुखद घटना 17 मार्च 2026 की बताई जा रही है, जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी तीन जिंदगियों पर भारी पड़ गई. मृतक श्रमिकों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और निजी ठेकेदार ने सफाई के दौरान किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण (Safety Gear) उपलब्ध नहीं कराए थे, जो कि सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन और कानूनी लापरवाही है. 


मानवाधिकार आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि मीडिया रिपोर्ट के दावे सही पाए जाते हैं, तो यह जीवन के अधिकार का गंभीर हनन है. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस जांच की वर्तमान स्थिति और दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी मांगा है.


गौरतलब है कि यह दुखद घटना रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल (Ramkrishna CARE Hospital) में घटित हुई थी. 17 मार्च 2026 की शाम करीब 7 बजे हुई इस हृदयविदारक घटना में अब तक की जांच और घटनाक्रम के अनुसार, मृतकों की पहचान अनमोल मांझी (25), गोविंद सेंद्रे (35) और सत्यम कुमार (22) के रूप में हुई है, जो रायपुर के ही सिमरन सिटी इलाके के निवासी थे. 


शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी और मजदूरों को बिना किसी ऑक्सीजन मास्क या सुरक्षा उपकरण के 20 फीट गहरे टैंक में उतारा गया था.


मामले में अब तक की कार्रवाई के तहत पुलिस ने ठेकेदार किशन सोनी और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत) और हाथ से मैला ढोने के निषेध अधिनियम (Manual Scavenging Act, 2013) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. 


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए भविष्य में बिना नगर निगम की अनुमति के ऐसे कार्यों पर रोक लगाने और उल्लंघन करने वालों पर आपराधिक मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं. 


वहीं, भारी जन आक्रोश और विरोध प्रदर्शन के बाद अस्पताल प्रबंधन ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 30 लाख रुपये का मुआवजा, बच्चों की शिक्षा का खर्च और परिवार के एक सदस्य को प्रति माह 20,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP