रायपुर रोजगार मेला: सिर्फ 1816 को मिली नौकरी, दावा 15,000 का था
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले का समापन भारी गहमागहमी और युवाओं की निराशा के बीच हुआ. सरकार ने इस मेले के माध्यम से लगभग 15,000 युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केवल 1,816 अभ्यर्थियों को ही मौके पर नियुक्ति पत्र मिल सके.
मेले के लिए प्रदेश भर से करीब 64,000 युवाओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, जिनमें से केवल 7,009 अभ्यर्थी ही साक्षात्कार के लिए पहुंचे.
मेले में आए युवाओं ने कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बालोदबाजार, जांजगीर-चांपा और पाटन जैसे दूर-दराज के इलाकों से आए अभ्यर्थियों का आरोप है कि अधिकांश कंपनियों ने केवल बायोडाटा जमा किए और 'बाद में सूचित करने' का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया.
अनुभव के बावजूद बाजार दर से काफी कम वेतन के ऑफर ने भी युवाओं को मायूस किया. एक अनुभवी होटल मैनेजर ने बताया कि उन्हें वर्तमान वेतन से भी कम का प्रस्ताव दिया गया. महिला उम्मीदवारों ने भी कम वेतन और घरेलू खर्चों के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए असंतोष जताया.
एक बड़ी चुनौती बाहरी राज्यों में पोस्टिंग को लेकर भी दिखी. जिन उम्मीदवारों का चयन हुआ, उनमें से कई को ओडिशा, हरियाणा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में काम करने का प्रस्ताव मिला, जहाँ के जीवनयापन खर्च की तुलना में वेतन काफी कम था.
हालांकि, रोजगार विभाग के उपसंचालक ए.ओ. लॉरी ने स्पष्ट किया कि कई युवाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया है और कंपनियां सीधे उनसे संपर्क करेंगी.
(Symbolic Photo)