रायगढ़: तमनार में जिंदल पावर प्लांट की राख से ग्रामीण परेशान
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित तमनार ब्लॉक से एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या सामने आई है, जहाँ जिंदल पावर लिमिटेड के थर्मल पावर प्लांट की ऐश डाइक से उड़ने वाली राख ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है. हवाओं के साथ उड़कर आने वाली इस फ्लाई ऐश की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने त्वरित जांच के आदेश दिए हैं.
जिला प्रशासन को भेजी गई शिकायतों में स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि संयंत्र प्रबंधन द्वारा पर्यावरण सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण गर्मी की दस्तक के साथ ही राख का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है.
क्षेत्र के कुंजेमुरा, पाता, बांधापाली, रेगांव और सलिहाभांठा जैसे गांव इस प्रदूषण की मार सबसे ज्यादा झेल रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीते कुछ दिनों में चली तेज हवाओं ने स्थिति को और बिगाड़ दिया, जिससे पूरे इलाके में राख का गुबार छा गया.
आलम यह है कि लोगों के घरों के भीतर बर्तनों, कपड़ों और यहां तक कि भोजन सामग्री पर भी राख की मोटी परतें जम गई हैं. खेतों में खड़ी फसलों और सब्जियों पर भी इस प्रदूषित राख का बुरा असर देखा जा रहा है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की एक टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. स्थलीय निरीक्षण और ग्रामीणों से संवाद के बाद विभाग ने प्रारंभिक रूप से शिकायतों को सही पाया है. जांच दल ने पाया कि ऐश डाइक का रख-रखाव और धूल नियंत्रण के उपाय पर्याप्त नहीं थे.
इसके बाद, विभाग ने जिंदल पावर प्रबंधन को कड़ी हिदायत देते हुए नियमित जल छिड़काव, हरित पट्टी के विस्तार और डस्ट कंट्रोल सिस्टम को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रबंधन इन नियमों के पालन में कोताही बरतता है, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.