छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहरों में बढ़ता प्रदूषण
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक ढंग से बढ़ रहा है. लोकसभा में रायपुर के सांसद और वरिष्ठ बीजेपी नेता बृजमोहन अग्रवाल ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया.
उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की.
अग्रवाल ने बताया कि देश के 131 शहरों में, जहां प्रदूषण तय सीमा से ज्यादा है, उनमें छत्तीसगढ़ के रायपुर, कोरबा और भिलाई शामिल हैं.
रायगढ़ और जांजगीर-चांपा की स्थिति भी चिंताजनक है.
रायपुर के बाहरी इलाकों जैसे सिलतरा, उरला और बोरझारा में बड़े-बड़े औद्योगिक क्षेत्र बन गए हैं, जिसके चलते हवा और पानी का प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है.
उन्होंने कहा, "इससे स्थानीय लोगों की सेहत और आजीविका पर बुरा असर पड़ रहा है." सांसद ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड ने रायपुर के 142 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का अध्ययन नेशनल एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी), नागपुर से करवाया था.
उन्होंने मांग की कि नीरी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और इसके सुझावों पर अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी जाए.
अग्रवाल ने पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यावरण का आकलन करने के लिए एक नई स्टडी की मांग की, ताकि 2025 तक प्रदूषण और पर्यावरणीय मानकों का सटीक नक्शा तैयार हो सके. उन्होंने जैव विविधता बहाल करने और बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने की जरूरत पर भी जोर दिया.
उनका कहना था कि इससे हवा, पानी और मिट्टी साफ होगी, साथ ही किसानों को बिना प्रदूषण वाली जमीन मिलेगी, जिससे खेती को बढ़ावा मिलेगा.
अंत में, अग्रवाल ने मंत्री यादव से अपील की कि वे इस मामले में तुरंत दखल दें, ताकि छत्तीसगढ़ के लोग साफ हवा में सांस ले सकें और स्वच्छ पानी पी सकें.