छत्तीसगढ़: रायगढ़ में धान खरीदी पर मचा सियासी घमासान
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में मंगलवार को कांग्रेस ने धान के मुद्दे पर बड़ा प्रदर्शन किया है. कांग्रेस ने भंडारण के दौरान बड़े पैमाने पर चावल की कमी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है, जिसे आधिकारिक तौर पर चूहों और प्राकृतिक क्षय के कारण हुई बर्बादी बताया जा रहा है.
खरसिया से कांग्रेस विधायक उमेश पटेल के नेतृत्व में किसानों ने रायगढ़ कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये का धान 'नष्ट' होने के नाम पर गायब कर दिया गया है.
पटेल ने कवर्धा में 7 करोड़ और रायगढ़ में 9 करोड़ रुपये की कथित विसंगतियों का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो बड़ा ट्रैक्टर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है. प्रदेश प्रवक्ता के.एस. चौहान ने स्पष्ट किया कि एआई-आधारित निगरानी और जीपीएस ट्रैकिंग के कारण बर्बादी में कमी आई है.
सरकार का दावा है कि अब तक 104 लाख मीट्रिक टन से अधिक की रिकॉर्ड खरीदी की जा चुकी है और किसानों को 23,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है.
प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया है कि किसी भी पात्र किसान का रकबा नहीं काटा जाएगा और टोकन संबंधी समस्याओं को जल्द सुलझा लिया जाएगा.