बिना पंजीयन वाले बिल्डर्स को नोटिस
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने बिना पंजीयन वाले बिल्डर्स को नोटिस जारी किया है. नोटिस जारी करते हुये कहा गया है कि क्यों न रेरा के प्रावधान के अनुसार उन पर पंजीकरण शुल्क का 400 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क और परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जाये.
प्राधिकरण ने ऐसे 106 प्रोजेक्ट्स की पहचान की है जो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से स्वीकृत होने के बावजूद अब तक रेरा अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं हुये हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन प्रोजेक्ट्स का निर्माण अथवा विक्रय कार्य बिना वैधानिक रेरा पंजीकरण के किया जा रहा था, जो कि न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उपभोक्ताओं के हितों के लिये भी अत्यंत नुकसानदेह है.
प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि पिछले सात वर्षों में 136 प्रोजेक्ट्स के विरुद्ध स्वतः संज्ञान लेते हुये कार्यवाही की गई है, जिनमें प्रमोटरों द्वारा बिना पंजीकरण कार्य संचालित किया गया था.
सीजी रेरा ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संपत्ति जैसे फ्लैट, प्लॉट, विला या व्यावसायिक इकाई खरीदने से पहले यह अवश्य जांच लें कि संबंधित परियोजना रेरा में पंजीकृत है या नहीं. इसके लिये https://rera.cgstate.gov.in/ पोर्टल पर जाकर परियोजना की पंजीकरण स्थिति की जांच की जा सकती है.
वहीं, प्रमोटरों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी परियोजनाओं को विधिवत रजिस्ट्रेशन करायें ताकि किसी प्रकार की शास्ति या कानूनी कार्यवाही से बचा जा सके.
रेरा अधिनियम की यही विशेषता है कि वह न केवल उपभोक्ताओं को सुरक्षित निवेश का वातावरण देता है, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और समयबद्धता भी सुनिश्चित करता है.
रेरा अधिनियम क्या है
रेरा अधिनियम, जिसे रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के रूप में भी जाना जाता है, भारत में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिये बनाया गया एक कानून है. इसका मुख्य उद्देश्य घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट निवेश को बढ़ावा देना है.
प्रमोटरों को परियोजना की जानकारी, कानूनी दस्तावेज और वित्तीय जानकारी RERA के साथ साझा करनी होती है. प्रमोटरों को ग्राहकों से प्राप्त धन का 70% एक अलग एस्क्रो खाते में जमा करना होता है.
फ्लैटों की बिक्री कारपेट एरिया के आधार पर की जाती है. रेरा अधिनियम घर खरीदारों को धोखाधड़ी और अनुचित प्रथाओं से बचाता है. यह अधिनियम विवादों के त्वरित और प्रभावी समाधान में मदद करता है.