छत्तीसगढ़: अत्याधुनिक फोरेंसिक विश्वविद्यालय बनेगा
रायपुर । समाचार: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की कि नया रायपुर में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) का एक अत्याधुनिक कैंपस स्थापित किया जायेगा.
यह परियोजना 40 एकड़ के विशाल क्षेत्र में लगभग 350-400 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होगी, जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी.
22 और 23 जून को इस कैंपस का भूमि पूजन समारोह आयोजित होगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शिलान्यास करेंगे. इस अवसर पर एक अत्याधुनिक फोरेंसिक प्रयोगशाला की आधारशिला भी रखी जायेगी.
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि यह कैंपस छत्तीसगढ़ के युवाओं को फोरेंसिक विज्ञान में उच्चस्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे.
नए आपराधिक कानूनों, जैसे भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, में फोरेंसिक विज्ञान की भूमिका को रेखांकित करते हुए शर्मा ने कहा कि सात साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराधों की जांच में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अब अनिवार्य हो गया है. यह कैंपस न केवल शिक्षा का केंद्र होगा, बल्कि फोरेंसिक विशेषज्ञों की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा.
इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ सरकार 6-7 एकड़ भूमि पर अपनी स्वयं की फोरेंसिक लैब स्थापित करेगी. स्थायी कैंपस के निर्माण तक, एक ट्रांजिट कैंपस के माध्यम से इसी शैक्षणिक सत्र से डिजिटल शिक्षण शुरू किया जायेगा.