छत्तीसगढ़ के बस्तर में मलेरिया का प्रकोप जारी
जगदलपुर । संवाददाता: नक्सल प्रभावित बस्तर के दरभा ब्लॉक में मलेरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. पिछले 40 दिनों में यहां 100 से अधिक मलेरिया के मामले सामने आए हैं, और इस साल एक बच्चे की मौत भी हो चुकी है.
स्थानीय प्रशासन का दावा है कि सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन कोलेंग गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और दवाओं की भारी कमी देखी गई है.
जगदलपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर कोलेंग PHC में स्थिति गंभीर है. वहां की स्टाफ नर्स नलवती मौर्या ने बताया, "जुलाई में कम से कम 90 मलेरिया रोगियों का इलाज किया गया, और अगस्त में अब तक 11 नए मामले सामने आए हैं."
हालांकि, PHC में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण सारा भार दो स्टाफ नर्सों पर है, जिनमें से एक नियमित और दूसरी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा नियुक्त है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि दरभा से आने वाले RMA डॉक्टर पिछले 2-3 सप्ताह से नहीं आए हैं.
इसके अलावा, आवश्यक दवाओं की कमी भी एक बड़ी समस्या है. मुख्य मलेरिया-रोधी दवा प्राइमाक्विन उपलब्ध नहीं है, और यहां तक कि पैरासिटामॉल जैसी बुनियादी दवाएं भी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन से नहीं मिल रही हैं.
गांव के स्वास्थ्य समन्वयक मिथलेश भोंडेकर ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की भारी कमी है. "ड्रेसर और फार्मासिस्ट की कमी है, और वार्ड बॉय या वार्ड मेड की संख्या भी बहुत कम है. वर्तमान में उप-केंद्र पर कोई सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भी नहीं है, जिसके कारण सीमित कर्मचारियों को सभी कार्य करने पड़ रहे हैं."
यह संकट केवल कोलेंग तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे दरभा ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है.