कोरबा में सड़क हादसा : महिला को वाहन ने कुचला, तत्काल तोड़ा दम
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया. कपोट गांव के पास चैतमा चौकी क्षेत्र में एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने एक महिला को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह मौके पर ही प्राण त्याग बैठी.
हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की.
घटना गुरुवार की सुबह की है, जब नवाडीह कपोट की रहने वाली जमुना बाई पोर्ते अपने दैनिक रूटीन के मुताबिक घर से निकलीं. चाय-नाश्ता करने के बाद वह गांव से सटे अपने खेत का हाल देखने जा रही थीं. अचानक आए उस वाहन की रफ्तार इतनी थी कि उन्हें बचने का कोई मौका ही न मिला.
परिजनों का कहना है कि यह सब कुछ कुछ ही पलों में हो गया, और जब तक लोग इकट्ठे होते तब तक जमुना बाई की सांसें थम चुकी थीं.
जाम की सूचना मिलते ही इलाके की पुलिस टीमें फौरन मौके पर पहुंच गईं. कटघोरा थाने, पाली थाने और चैतमा चौकी की फोर्स ने ग्रामीणों से बातचीत कर हालात को शांत करने की कोशिश की. लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार जाम खुलवाया जा सका.
इस दौरान नायब तहसीलदार भी घटनास्थल पर हाजिर हुए और लोगों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता जरूर प्रदान करेगी.
यह हादसा स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर रहा है.
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में वाहनों की लापरवाह ड्राइविंग आम हो चुकी है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं. पुलिस ने वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है.
छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े:
छत्तीसगढ़ राज्य में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बनी हुई हैं, जो तेजी से बढ़ रही हैं. 2019 से 2024 तक कुल 79,523 सड़क दुर्घटनाओं में 33,700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 70,255 अन्य घायल हुए हैं. यह आंकड़ा राज्य की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, जहां ओवरस्पीडिंग, लापरवाह ड्राइविंग और खराब सड़कें मुख्य कारण हैं.
2025 के प्रारंभिक आंकड़े (जनवरी-फरवरी)
2025 के पहले दो महीनों में सड़क दुर्घटनाओं का रुझान चिंताजनक है. राज्य पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में रायपुर जिले में सबसे अधिक 335 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 110 मौतें और 224 घायल हुए. अन्य प्रमुख जिले:
बालौदा बाजार: 118 दुर्घटनाएं, 62 मौतें, 82 घायल
महासमुंद: 87 दुर्घटनाएं, 53 मौतें, 130 घायल
गरियाबंद: 49 दुर्घटनाएं, 19 मौतें
कुल आंकड़े अभी पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन प्रारंभिक अनुमान से यह अवधि पिछले वर्ष की तुलना में 15-20% अधिक दुर्घटनाओं की ओर इशारा करती है.
रुझान और कारण
*वृद्धि का पैटर्न: 2020 के लॉकडाउन के बाद दुर्घटनाएं और मौतें लगातार बढ़ी हैं, 2024 में 9% की छलांग के साथ. प्रति 1 लाख आबादी पर मौत का दर 17.6 है, जो राष्ट्रीय औसत से ऊपर है.
*मुख्य कारण: मोटरसाइकिल सवारों पर 59% प्रभाव (ट्रक से टक्कर मुख्य), ओवरस्पीडिंग (70% मामलों में), और ग्रामीण सड़कों पर ब्लैक स्पॉट्स.
*सरकारी कदम: ब्लैक स्पॉट सुधार, जागरूकता अभियान, और राष्ट्रीय राजमार्गों पर एटीएमएस सिस्टम लागू. फिर भी, मौतों में कमी के लिए सख्त प्रवर्तन जरूरी.