छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन: ‘बिजली बिल हाफ’ योजना की बहाली की मांग
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (जेसीपी) ने मंगलवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन आयोजित कर महंगे बिजली बिलों, अघोषित बिजली कटौती और लगातार कम वोल्टेज की समस्या के खिलाफ आवाज उठाई. पार्टी ने 400 यूनिट तक की खपत के लिए ‘बिजली बिल हाफ’ योजना को बहाल करने, हाल ही में बढ़ाए गए बिजली शुल्क को वापस लेने और अनियमित लोडशेडिंग को समाप्त करने की मांग की है.
जेसीपी नेताओं ने सरकार पर लोगों का शोषण करने का आरोप लगाया और कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच नागरिकों पर महंगे बिजली बिलों और अविश्वसनीय आपूर्ति का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है.
जेसीपी के राज्य अध्यक्ष अमित बघेल ने छत्तीसगढ़ सरकार को इस संकट के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ में सस्ता कोयला, प्रचुर मात्रा में पानी और कम लागत वाली श्रम शक्ति उपलब्ध होने के बावजूद, यहां बिजली के बिल सबसे अधिक हैं. यह सरकार की विफलता को दर्शाता है.” बघेल ने जोर देकर कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जन-जन तक ले जाएगी और तब तक संघर्ष जारी रखेगी जब तक सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जाते.
राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया.
रायपुर में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी सुबह 10 बजे राजीव गांधी चौक के पास मोतीबाग में एकत्र हुए और धरना दिया. प्रदर्शन के बाद, पार्टी ने अपनी मांगों को रेखांकित करते हुए राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा.
रायपुर जिला अध्यक्ष गोपी साहू ने कहा, “बिजली बिलों में वृद्धि पूरी तरह से अनुचित है. हम तब तक आंदोलन जारी रखेंगे जब तक आम लोगों को राहत नहीं मिलती. सरकार को अपने फैसले को वापस लेना होगा और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी.”
पार्टी नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक बिजली अधिशेष राज्य होने के बावजूद, यहां रोजाना बिजली कटौती और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या बनी रहती है. इससे लोग गर्मी में परेशान हैं, फसलों को नुकसान हो रहा है और आजीविका खतरे में है.
खासकर किसानों ने कम वोल्टेज के कारण सिंचाई पंपों के काम न करने से फसलों को होने वाले नुकसान की चेतावनी दी है. नेताओं ने यह भी बताया कि नए मीटरों की अव्यवस्थित स्थापना ने भी लोगों में संदेह पैदा किया है.
जेसीपी ने कहा कि वह सभी जिलों में लोगों को संगठित करना जारी रखेगी ताकि तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो और सभी नागरिकों के लिए किफायती व विश्वसनीय बिजली उपलब्ध हो.