छत्तीसगढ़: जैव ईंधन उत्पादन में 3,500 Cr का निवेश होगा
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में बायोफ्यूल उत्पादन में 3,500 करोड़ रुपये का निवेश होने जा रहा है. छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के सीईओ सुमित सरकार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निजी कंपनियों ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-2030 के अनुरूप, लगभग 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है. गेल और बीपीसीएल जैसी ओजीएमसी ने विभिन्न यूएलबी में 8 एमएसडब्ल्यू/बायोमास आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
ओएनजीसी ग्रीन और एचपीसीएल ग्रीन वर्तमान में सीबीजी उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए विभिन्न स्थानों का सर्वेक्षण कर रही हैं.
हालांकि ये वही छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण है, जिसने किसी ज़माने में छत्तीसगढ़ में रतनजोत यानी जेट्रोफा के तेल के सपने बेचे थे और रतनजोत के तेल के नाम पर करोड़ों रुपये पानी में बहाए थे. उस समय भीछत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के सीईओ सुमित सरकार ही थे.
छत्तीसगढ़ में चावल, मक्का और चने के अवशेषों का उपयोग करके बायोएथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायोगैस बनाने के लिए फीडस्टॉक-आधारित परीक्षण किया जा रहा हैं. इसके साथ ही कृषि अपशिष्ट को सब्सट्रेट के रूप में उपयोग करके एंजाइम उत्पादन परीक्षण और नए माइक्रोबियल स्ट्रेन का संवर्धन हो रहा है. उन्होंने कहा कि बायो-विमानन ईंधन के क्षेत्र में सीबीडीए अब बायोमास-आधारित हाइड्रोजन के उत्पादन की तैयारी कर रहा है, जिसका उपयोग बाद में हाइड्रोप्रोसेस्ड एस्टर और फैटी एसिड तकनीक के माध्यम से एसएएफ उत्पादन के लिए किया जाएगा.
छत्तीसगढ़ में अधिशेष चावल को प्राथमिक फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करके बायोएथेनॉल उत्पादन के लिए पहले ही एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित कर ली है.
हाल ही में, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के सहयोग से, सीबीडीए बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स स्थल, ग्राम गोढ़ी, जिला दुर्ग में एक वैकल्पिक फीडस्टॉक स्थापित करने के लिए चुकंदर की खेती पर परीक्षण शुरू किया है.
अगला कदम इथेनॉल उत्पादन के लिए इसकी क्षमता का परीक्षण करना है, जिससे भारत के 20 प्रतिशत मिश्रण लक्ष्य और उससे आगे की उपलब्धि में सहायता मिलेगी, जिससे इस पहल की निरंतर सफलता सुनिश्चित होगी.
छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा राजधानी रायपुर में बायोफ्यूल एण्ड बायो एनर्जी एक्सपो का आयोजन 7 से 9 नवंबर तक स्थानीय श्रीराम बिजेनस पार्क में किया गया. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल रोडमैप विजन 2024-29 पर आयोजित सेमीनार में बायोफ्यूल तकनीक पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया.
इस सेमीनार में गैल के सीजीएम मोहम्मद नजीब कुरैशी और डीजीएम जितेन्द्र पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के पाइप लाईन नेटवर्क के बारे में जानकारी दी.
बीपीसीएल के डीजीएम संजय ठाकुर ने छत्तीसगढ़ में कम्प्रेस बायोगैस की संभावनाओं के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया. इसी प्रकार रिलायंस इंडस्ट्रीज के डीजीएम सुशील वर्मा ने धान से कम्प्रेस बायोगैस उत्पादन के बारे में जानकारी दी.