छत्तीसगढ़: अस्पतालों से खराब सर्जिकल ब्लेड वापस
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में वितरित सर्जिकल ब्लेड के एक बैच को तत्काल वापस मंगाने का आदेश दिया है. यह कदम तब उठाया गया जब कई अस्पतालों ने बैच नंबर G409 के साइज 22 सर्जिकल ब्लेड में जंग लगने की शिकायत की, जो मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है.
इन दोषपूर्ण ब्लेड से सर्जरी के दौरान संक्रमण, विशेष रूप से पोस्ट-ऑपरेटिव सेप्सिस का जोखिम बढ़ सकता है.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष दीपक म्हस्के की सिफारिश पर सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से इस बैच को वापस लेने का निर्देश दिया.
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने पुष्टि की कि ये ब्लेड "सर्जरी के लिए अनुपयुक्त" हैं और इन्हें अस्पतालों से वापस मंगाया जा रहा है.
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के एक प्रवक्ता ने कहा, "ये उपकरण मानक के अनुरूप नहीं पाये गये और संभावित रूप से खतरनाक हैं. हमने सभी अस्पतालों को इनका उपयोग तुरंत रोकने और इन्हें वापस करने का निर्देश दिया है."
निर्माता को इस बैच को नये और प्रमाणित ब्लेड से बदलने का आदेश दिया गया है. छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी अस्पतालों को सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे.
इस घटना ने सार्वजनिक स्वास्थ्य खरीद में गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर सवाल उठाये हैं.
हालांकि अभी तक जंग लगे ब्लेड के कारण किसी संक्रमण या चोट की आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी चूक रोकने के लिए आंतरिक प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू कर दी है.
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा, "हम मरीजों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं. जो भी आपूर्तिकर्ता गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में विफल रहेगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा."
विभाग ने चिकित्सा आपूर्ति की निगरानी के लिये एक विशेष सेल गठित किया है और अस्पताल कर्मचारियों से किसी भी अनियमितता की तुरंत जानकारी देने को कहा है.