रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

छत्तीसगढ़ ने हाईवे इन्फ्रा को सौंपा 31 Cr का टोल प्रोजेक्ट

C

CG Khabar

30 सित. 2025, 08:32 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

टोल प्लाजा
टोल प्लाजा

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 31 करोड़ रुपये के टोल रोड प्रोजेक्ट को एक प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी को सौंपा है. यह परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने और यातायात को सुगम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे प्रमुख मार्गों पर भीड़भाड़ कम होगी और टिकाऊ परिवहन विकास को बढ़ावा मिलेगा.


हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से 310.08 मिलियन रुपये का ठेका प्राप्त किया है, ताकि छत्तीसगढ़ में एनएच-111 (नया एनएच-130) के कटघोरा-शिवनगर खंड (पैकेज II) पर चोटिया फी प्लाजा का संचालन और रखरखाव किया जा सके.

विज्ञापन


राज्य के राजमार्ग प्राधिकरण ने निर्माण के लिए अनुबंध को अंतिम रूप दे दिया है, जो छत्तीसगढ़ के आधुनिक सड़क नेटवर्क विकास की रणनीति का हिस्सा है. इस परियोजना में टोल प्रणाली को एकीकृत किया जाएगा, जिससे सड़कों के रखरखाव और दीर्घकालिक परिचालन दक्षता के लिए धन सुनिश्चित होगा. 


विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते वाहनों और माल ढुलाई यातायात के बीच टोल आधारित परियोजनाएं शहरी और अंतर-शहरी गतिशीलता की चुनौतियों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण हैं.


इस अनुबंध में सड़क निर्माण, टोल संग्रह तंत्र की स्थापना, और सुरक्षा व निगरानी प्रणालियों का विकास शामिल है. अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों का उपयोग किया जाएगा, जिसमें ऊर्जा-कुशल प्रकाश व्यवस्था भी शामिल है. 


यह राष्ट्रीय स्थिरता लक्ष्यों के अनुरूप समान और कम-कार्बन परिवहन अवसंरचना बनाने पर जोर देता है.


यह परियोजना आर्थिक और सामाजिक लाभ प्रदान करेगी. तेज और सुरक्षित सड़कें क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देंगी, ग्रामीण और शहरी समुदायों के बीच संपर्क में सुधार करेंगी, और यात्रा समय कम करके वाहनों के उत्सर्जन को कम करेंगी. साथ ही, स्थानीय ठेकेदारों और कार्यबल को शामिल करने से रोजगार सृजन और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा.


इन्फ्रास्ट्रक्चर विश्लेषकों का कहना है कि टोल आधारित परियोजनाओं में राजस्व उत्पादन और सार्वजनिक पहुंच के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है. उचित मूल्य निर्धारण, संचालन में पारदर्शिता और वैकल्पिक परिवहन साधनों के साथ एकीकरण से यह सुनिश्चित होगा कि टोल कॉरिडोर शहरी परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र को पूरक बनाएं.


आगामी वित्तीय तिमाही में निर्माण शुरू होने की उम्मीद है. राज्य सरकार परियोजना की प्रगति पर नजर रखने, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और पर्यावरणीय व सामाजिक सुरक्षा उपायों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. 


यह 31 करोड़ रुपये की परियोजना छत्तीसगढ़ के टिकाऊ और उच्च-गुणवत्ता वाले सड़क नेटवर्क के विकास के प्रति समर्पण को दर्शाती है, जो राज्य को भारत में आधुनिक परिवहन और स्मार्ट गतिशीलता के केंद्र के रूप में स्थापित करेगी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP