छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: 50% राशि जमा करने पर देरी के बावजूद GST अपील की अनुमति
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 50% कर देनदारी जमा करने की शर्त पर देरी के बावजूद GST आकलन आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की इजाजत दी है.
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में करदाता को सीमा अवधि समाप्त होने के बाद भी एकतरफा (ex parte) जीएसटी आकलन आदेश के खिलाफ वैधानिक अपील दायर करने की अनुमति दे दी है. हालांकि, अदालत ने इसके लिए शर्त रखी है कि याचिकाकर्ता को कुल मूल्यांकित कर देनदारी ₹8.17 लाख का 50 प्रतिशत हिस्सा यानी ₹4,08,885.84 जमा करना होगा.
न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास की पीठ ने कोरबा स्टील कास्टिंग को यह वैधानिक राहत देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया. अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच पूर्ण न्याय करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत शक्तियों का प्रयोग करने का मामला बनता है.
यह मामला राज्य कर अधिकारी, कोरबा सर्कल-II द्वारा 13 दिसंबर 2023 को पारित एकतरफा आकलन आदेश से जुड़ा है. इस आदेश के माध्यम से ब्याज और जुर्माने सहित ₹8,17,771.69 की मांग उठाई गई थी.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विक्रम शर्मा ने तर्क दिया कि यह आकलन बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए और बिना सुनवाई का अवसर दिए पूरा किया गया था. याचिकाकर्ता को इस आदेश की जानकारी तब मिली जब कर अधिकारियों ने उसके आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता को देय राशि में से ₹8,17,772 की वसूली मांगी.
दूसरी तरफ, राज्य की ओर से उप शासकीय अधिवक्ता अनुराधा जैन ने इस याचिका का विरोध किया. राज्य ने तर्क दिया कि कर अधिकारियों ने याचिकाकर्ता को पर्याप्त अवसर प्रदान किए थे, लेकिन वह जवाब देने में विफल रहा. इसके साथ ही अपील दायर करने की कानूनी समय सीमा भी बीत चुकी है.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने मूल्यांकित राशि का 50% जमा करने का प्रस्ताव रखा. हाईकोर्ट ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता को आदेश की प्रति मिलने की तारीख से एक महीने के भीतर वैधानिक अपील दायर करने की अनुमति दी.
अदालत ने अपीलीय प्राधिकारी को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा ₹4,08,885.84 जमा करने की शर्त पूरी होते ही अपील पर गुण-दोष (merits) के आधार पर फैसला किया जाए और देरी पर जोर न दिया जाए.