छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से चार जिलों में बाढ़
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है. बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तेज़ी से किया जा रहा है.
आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 एवं 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई. दंतेवाड़ा में 93.7 मिलीमीटर और 118.4 मिलीमीटर, बारिश हुई है. सुकमा जिले में 35 से 109.3 मिलीमीटर, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिलीमीटर तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिलीमीटर, बारिश दर्ज की गई.
अब तक इन चार जिलों में 25 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हुई हैं. बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत देने 43 शिविर में 2 हजार 196 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है. इनमें अकेले सुकमा जिले से 790 और दंतेवाड़ा से 1 हजार 116 लोग शामिल हैं. बीजापुर जिले में 120 और बस्तर से 170 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है.
बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 आंशिक एवं 86 पूर्ण मकान क्षति की सूचना प्राप्त हुई है. प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन एवं नगर सेना लगातार सक्रिय है. जिला सुकमा में आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित कर 24 घंटे स्थिति की निगरानी की जा रही है. प्रभावित गांवों तक राहत सामग्री एवं आवश्यक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं.
राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि प्रभावित लोगों के लिए 4 जिलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर से 170 , इस प्रकार कुल 2,196 प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराया गया है.
बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति की सूचना मिली है. सभी जिलों में नगर सेना एवं एस.डी.आर.आफ के द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है एवं राहत शिविर में ठहराये गये लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है.
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग जिलों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतत संपर्क बनाये हुए है एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है. जिला सुकमा में आपदा मित्रों के द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनहानि और नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और राहत दल लगातार सक्रिय रहें, हर जरूरतमंद तक तुरंत मदद पहुँचे और राहत सामग्री समय पर मिले.