छत्तीसगढ़ के सरकारी इंजीनियरिंग तथा पॉलीटेक्निक में पढ़ाई कैसे होगी?
शास. इंजीनियरिंग तथा पॉलीटेक्निक में पढ़ाई कैसे होगी
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के शासकीय इंजीनियरिंग तथा पॉलीटेक्निक कॉलेजों में पढ़ाने वालों के इतने पद रिक्त पड़े हैं कि पढ़ाई पर सवाल उठ रहे हैं.
छत्तीसगढ़ बनने के इतने सालों बाद भी इन पदों को भरा नहीं जा सका है. जाहिर है कि पढ़ाने वालों के कमी के कारण छात्र पढ़ाई कैसे करते होंगे, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. पढ़ाने वालों की कमी के चलते छात्र कैसे पास हो जा रहे हैं तथा वे कितना सीख पा रहे हैं.
शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में खाली पद
प्राचार्य के 5 पद स्वीकृत है जिनमें से 4 भरे गये हैं तथा 1 रिक्त है.
प्राध्यापक के 34 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 15 भरे गये हैं तथा 19 रिक्त हैं.
सह प्राध्यापक के 64 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 7 भरे गये हैं तथा 57 रिक्त हैं.
सहायक प्राध्यापक के 155 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 84 भरे गये हैं तथा 71 रिक्स हैं.
सहायक कर्मशाला/ कर्मशाला अधीक्षक के 2 पद स्वीकृत है तथा दोनों पद भरे गये हैं.
इस तरह से शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में 260 स्वीकृत पदों में से मात्र 112 पद भरे गये हैं तथा 148 पद रिक्त हैं.
शासकीय पॉलीटेकनिक संस्थाओं में पदवार जानकारी
प्राचार्य के 39 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 19 भरे गये हैं तथा 20 पद रिक्त हैं.
विभागाध्यक्ष के 134 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 24 भरे गये हैं तथा 110 पद रिक्त हैं.
व्याख्याता के 826 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 404 भरे गये हैं तथा 422 रिक्त पड़े हैं.
सहायक कर्मशाला अधीक्षक के 36 पद स्वीकृत है जिनमें से 17 पद भरे गये हैं तथा 19 पद खाली हैं.
इस तरह से सरकारी पॉलीटेकनिक संस्थाओं में कुल स्वीकृत 1035 पदों में से 464 भरे गये हैं तथा 571 पद रिक्त हैं.
हैरत का बात है कि शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों तथा पॉलीटेक्निक कॉलेजों में भरे गये पदों के तुलना में रिक्त पद ज्यादा हैं.