छत्तीसगढ़: धान बकाया व सिंचाई को लेकर किसानों का प्रदर्शन, CM को ज्ञापन
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे किसानों ने राज्यभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया. भारतीय किसान संघ के बैनर तले प्रदेश के सभी 33 जिलों में किसानों ने ट्रैक्टर रैलियां निकालीं और जिला मुख्यालयों में पहुंचकर कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा.
इस राष्ट्रव्यापी व प्रदेशव्यापी आंदोलन का मुख्य उद्देश्य कृषि से जुड़ी मूलभूत समस्याओं का समाधान कराना है.
ज्ञापन में वर्ष 2022-23 के धान खरीद का करीब ₹1,700 करोड़ का बकाया भुगतान जल्द से जल्द जारी करने की प्रमुख मांग की गई है. इसके साथ ही संघ ने मांग की है कि धान खरीदी की समय-सीमा 15 नवंबर से 15 फरवरी तक तय की जाए और मंडियों में टोकन व्यवस्था को सरल बनाकर सुविधाएं बढ़ाई जाएं.
गन्ना किसानों के हितों को रेखांकित करते हुए प्रति क्विंटल ₹150 की वृद्धि और बकाया राशि के शीघ्र भुगतान की अपील की गई है.
इसके अलावा, राज्य में अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने, कृषि कार्य के लिए अघोषित बिजली कटौती रोकने और गुणवत्तापूर्ण उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया.
किसानों ने विकास परियोजनाओं के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजे और 'एग्रीस्टैक' (AgriStack) पंजीकरण प्रक्रिया के सरलीकरण की भी मांग रखी.
कवर्धा समेत कई जिलों में निकली विशाल ट्रैक्टर रैलियों के बावजूद संगठन ने प्रदर्शन के शांतिपूर्ण रहने और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को न रोकने की अपील की.