छत्तीसगढ़: चावल निर्यातकों को मंडी शुल्क में छूट एक साल और बढ़ी
रायपुर । संवाददाता: राजधानी रायपुर के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित 'इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट' के दौरान चावल निर्यातकों और किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने निर्यातकों को बड़ी सौगात देते हुए मंडी शुल्क में छूट की अवधि को एक वर्ष के लिए और बढ़ाने की घोषणा की.
ज्ञात हो कि यह छूट दिसंबर 2025 में समाप्त हो रही थी, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है. इसके साथ ही प्रदेश में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया, जिससे राज्य से कृषि उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलेगी.
इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में 12 देशों के खरीदारों और 6 देशों के दूतावास प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया गया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ से लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है.
राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत लघु उद्योगों और चावल प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है. दंतेवाड़ा में हो रही ऑर्गेनिक चावल की खेती और सरगुजा के सुगंधित जीराफूल व दुबराज जैसी किस्मों का विशेष उल्लेख करते हुए इन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रोत्साहित करने की बात कही गई.
प्रदेश में किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है. पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड खरीदी के बाद इस वर्ष इसमें और वृद्धि की संभावना जताई गई है.
कार्यक्रम के दौरान चावल पर केंद्रित एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया, जिसमें आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों को प्रदर्शित किया गया था.
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव और राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित देश-विदेश के व्यवसायी एवं स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे.