क्या शाह गारंटी दे सकते हैं कि उद्योगपति बस्तर में प्रवेश नहीं करेंगे- दीपक बैज
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बस्तर में आदिवासी हितों को लेकर आठ सवाल पूछे. शाह बस्तर दशहरा उत्सव में शामिल होने पहुंचे थे.
राजीव भवन, रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बैज ने कहा कि बस्तर के लोगों की इच्छा के खिलाफ उद्योगपतियों को प्रवेश देने की अनुमति क्यों दी जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि एनएमडीसी का मुख्यालय अब तक बस्तर में क्यों नहीं स्थानांतरित किया गया.
उन्होंने यह भी पूछा कि नंदराज पर्वत की खदान लीज रद्द क्यों नहीं की गई और क्या केंद्र यह भरोसा दिला सकता है कि नागनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण नहीं होगा.
बैज ने बस्तर में कथित फर्जी मुठभेड़ों, लंबित आरक्षण संशोधन विधेयक, बैलाडीला की खदानें (1A, 1B, 1C) और कांकेर की हाहालड्डी खदान निजी कंपनियों को सौंपे जाने पर भी सवाल उठाए. साथ ही उन्होंने वनाधिकार अधिनियम 2006 में किए गए संशोधन पर भी केंद्र सरकार से जवाब मांगा.
बैज ने कहा कि ये प्रश्न बस्तर की आदिवासी जनता की आकांक्षाओं और चिंताओं को व्यक्त करते हैं और गृहमंत्री को इनका जवाब देना चाहिए.
दीपक बैज के 8 सवाल अमित शाह से:
*क्या आप यह गारंटी दे सकते हैं कि उद्योगपति बस्तर में स्थानीय जनता की इच्छा के खिलाफ प्रवेश नहीं करेंगे?
*एनएमडीसी का मुख्यालय अब तक बस्तर में क्यों नहीं शिफ्ट किया गया?
*नंदराज पर्वत की लीज अब तक रद्द क्यों नहीं की गई?
*क्या केंद्र सरकार यह भरोसा दिला सकती है कि नागनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण नहीं होगा?
*बस्तर में कथित फर्जी मुठभेड़ों की जांच और कार्रवाई कब होगी?
*लंबित आरक्षण संशोधन विधेयक को अब तक मंजूरी क्यों नहीं दी गई?
*बैलाडीला की तीन खदानें (1A, 1B, 1C) और कांकेर की हाहालड्डी खदान निजी कंपनियों को क्यों बेच दी गईं?
*आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा करने वाले वनाधिकार अधिनियम, 2006 में संशोधन क्यों किया गया?