छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट: 3,119 Cr का निवेश, 7,000 रोजगार
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन क्षेत्र में 3,119 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो प्रदेश को विकसित भारत के विज़न के साथ एक नया मुकाम दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इस कार्यक्रम से 7,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे, जिससे छत्तीसगढ़ हेल्थकेयर, पर्यटन और वेलनेस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में निवेशकों का स्वागत किया और नई औद्योगिक नीति के तहत निवेश अनुकूल माहौल की सराहना की.
विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ ने विकसित राज्य बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए गए हैं, जिससे प्रदेश अब "इज ऑफ डूइंग बिज़नेस" से आगे बढ़कर "स्पीड ऑफ डूइंग बिज़नेस" के युग में प्रवेश कर चुका है. नई औद्योगिक नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले एक वर्ष में 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं.
निवेश का आकर्षण: 3,119 करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में कुल 3,119.07 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ रुपये और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं. इन प्रस्तावों से 7,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे और 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा उपलब्ध होगी. यह निवेश छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में एक नया केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बड़े निवेश
*स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 11 बड़े अस्पताल समूहों ने 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पेश किए हैं. इनमें प्रमुख परियोजनाएँ निम्नलिखित हैं:
*गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल, रायपुर: 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, 307 करोड़ रुपये का निवेश, 100 रोजगार अवसर.
*नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, रायपुर: 450 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, 205.23 करोड़ रुपये का निवेश, 302 रोजगार अवसर.
*बॉम्बे हॉस्पिटल, रायपुर: 300 बेड का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, 680.37 करोड़ रुपये का निवेश, 500 रोजगार अवसर.
*माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रायपुर: 750 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, 340 करोड़ रुपये का निवेश, 1,500 रोजगार अवसर.
*फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, रायपुर: 600 बेड, 302 करोड़ रुपये का निवेश, 1,400 रोजगार अवसर.
*मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर: 150 बेड का संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, 101 करोड़ रुपये का निवेश, 400 रोजगार अवसर.
*मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट, रायपुर: 150 बेड का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, 91.8 करोड़ रुपये का निवेश, 555 रोजगार अवसर.
*श्रीराम संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल, बिलासपुर: 100 बेड, 70 करोड़ रुपये का निवेश, 200 रोजगार अवसर.
*आरएस अरमानी हेल्थकेयर एलएलपी, रायपुर: 50 बेड, 59.37 करोड़ रुपये का निवेश, 76 रोजगार अवसर.
*वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस, रायपुर: 50 बेड, 10 करोड़ रुपये का निवेश.
*आरोग्यमृत वेलनेस एलएलपी, रायपुर: हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 300 करोड़ रुपये का निवेश, 1,000 रोजगार अवसर.
इन परियोजनाओं से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 6,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा.
मेडिसिटी: छत्तीसगढ़ का मेडिकल हब
नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का मेडिकल हब बनाएगा. यह परियोजना न केवल प्रदेश के नागरिकों को विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएँ प्रदान करेगी, बल्कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएँ और सुदृढ़ होंगी.
फार्मा हब की दिशा में कदम
छत्तीसगढ़ में फार्मास्यूटिकल सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएँ हैं. प्रदेश सरकार एक फार्मा हब विकसित कर रही है, जहाँ कई फार्मा उद्योग एक ही स्थान पर संचालित होंगे. यह हब सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आपूर्ति को आसान बनाएगा और दवा उद्योग को नई दिशा प्रदान करेगा.
पर्यटन और होटल क्षेत्र में निवेश
छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता पर्यटन उद्योग के लिए अनुकूल अवसर प्रदान करती है. छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में होटल और पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. प्रमुख परियोजनाएँ निम्नलिखित हैं:
*वेस्टिन होटल, रायपुर: 212.7 करोड़ रुपये का निवेश, 400 रोजगार अवसर.
*अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल, रायपुर: 80.91 करोड़ रुपये का निवेश, 300 रोजगार अवसर.
*इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, रायपुर: 80 करोड़ रुपये का निवेश.
*होटल जिंजर, रायपुर: 78 करोड़ रुपये का निवेश, 135 रोजगार अवसर.
*एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट्स, रायपुर: 63 करोड़ रुपये का निवेश, 110 रोजगार अवसर.
*प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स, धमतरी: 41.82 करोड़ रुपये का निवेश, 30 रोजगार अवसर.
*इन्फेरियन लेक रिसॉर्ट, बालोद और होटल राजनांदगांव: 25-25 करोड़ रुपये का निवेश, 175 रोजगार अवसर.
*गोदरीवाला और एमएम ग्रुप, रायपुर: अम्यूज़मेंट पार्क, 24.9 करोड़ रुपये का निवेश, 70 रोजगार अवसर.
*बाफना लॉन एंड होटल, धमतरी: 20.97 करोड़ रुपये का निवेश, 22 रोजगार अवसर.
पर्यटन को उद्योग का दर्जा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को विशेष लाभ प्रदान किया जा रहा है. उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा का उपयोग कर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ.
निवेश प्रक्रिया में सरलता
छत्तीसगढ़ में निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू किया गया है, जिससे उद्यमियों को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के लिए परेशान नहीं होना पड़ता. मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान की गईं, जिसके बाद उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया.
नई तकनीक और एआई में अवसर
छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में भी प्रगति कर रहा है. नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो प्रदेश को डाटा मैनेजमेंट और एआई का हब बनाएगा. यह परियोजना भविष्य में निवेश की नई संभावनाएँ खोलेगी.
पावर हब और कनेक्टिविटी
छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. सेंट्रल इंडिया की भौगोलिक स्थिति, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी, प्रशिक्षित मानव संसाधन और एयर कार्गो सेवा की शुरुआत ने छत्तीसगढ़ को निवेश का आदर्श गंतव्य बनाया है.
सेवा क्षेत्र की नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर जैसे स्टील, सीमेंट और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं है. हेल्थकेयर, पर्यटन और एआई आधारित उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नया आयाम देंगे. उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के कारण उद्योगपतियों का आकर्षण बढ़ा है. पिछले 10 महीनों में 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो रोजगार और विकास के नए अवसर सृजित करेंगे.