माओवादियों ने पूर्व सदस्य को मुखबिर होने के आरोप में मार डाला
माओवादियों ने पूर्व सदस्य को 'गुप्तचर' होने के आरोप में मार डाला: पुलिस
बीजापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बुधवार को माओवादियों ने एक पूर्व मिलिशिया सदस्य की हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार, पीड़ित को पुलिस के गुप्तचर होने के आरोप में मारा गया. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 31 वर्षीय मड़कम भीमा, जो उसूर थाना क्षेत्र के पुजारीकांकर गांव का निवासी था, को माओवादियों ने तलवार जैसे धारदार हथियारों से हमला करके हत्या कर दी.
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि मड़कम भीमा पहले कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) का मिलिशिया सदस्य था. उसे तेलंगाना के वारंगल पुलिस ने गिरफ्तार किया था और माओवादियों से जुड़े होने के कारण डेढ़ से दो साल तक जेल में रखा गया था.
जेल से रिहा होने के बाद वह अपने गांव लौट आया था और परिवार के साथ रह रहा था. माओवादियों से उसके सभी संबंध टूट चुके थे. वह कम से कम तीन महीने से गांव में ही रह रहा था.
घटना पर एसपी यादव ने कहा कि जांच में पता चला है कि रात करीब 9 बजे माओवादी मड़कम भीमा के घर पहुंचे. उन्होंने उसे पुलिस का गुप्तचर होने का आरोप लगाया, घर से बाहर घसीट लिया और धारदार हथियारों से घायल करके हत्या कर दी.
उसूर थाने में रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
SATP के आंकड़ों के अनुसार साल 2025 में 29 सितंबर तक 37 नागरिक मारे गये हैं.
वहीं साल 2020 में 28, साल 2021 में 29, साल 2022 में 30, साल 2023 में 37, साल 2024 में 57 तथा इस साल 29 सितंबर तक 37 नागरिक मारे गये हैं.
छत्तीसगढ़ बनने के साल 2000 से लेकर 2025 तक 1082 नागरिक मारे गये हैं. सबसे ज्यादा नागरिक साल 2006 में 184 मारे गये थे.