रायपुर-मांढर मार्ग पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू, बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
रायपुर । संवाददाता: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने रेल परिचालन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. रेलवे ने व्यस्त रायपुर-उरकुरा-मांढर रेल खंड के 12 किलोमीटर लंबे हिस्से पर 'ऑटोमैटिक सिग्नलिंग' प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है.
इस परियोजना के अंतर्गत 3 किलोमीटर लंबी रायपुर-उरकुरा डबल लाइन और 9 किलोमीटर लंबी उरकुरा-मांढर ट्रिपल लाइन को शामिल किया गया है. इस विस्तार के साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कुल 21 किलोमीटर का ऑटोमैटिक सिग्नलिंग कार्य पूरा हो चुका है.
इस नई आधुनिक प्रणाली में 14 ऑटोमैटिक और दो सेमी-ऑटोमैटिक सिग्नल लगाए गए हैं. ट्रेनों की रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक करने के लिए 'सिग्मा' मेक के 80 डिजिटल एक्सेल काउंटर स्थापित किए गए हैं, जो दोहरी पहचान क्षमता से लैस हैं.
नई व्यवस्था के तहत रायपुर-उरकुरा सेक्शन में अप और डाउन लाइनों पर तीन-तीन ऑटो सेक्शन बनाए गए हैं, जबकि उरकुरा-मांढर सेक्शन में अप, डाउन और मिडिल लाइन पर चार-चार ऑटो सेक्शन तैयार किए गए हैं. साथ ही, मिडिल लाइन के सुचारू संचालन के लिए 'यूनिवर्सल फेल-सेफ ब्लॉक इंटरफेस' और डायरेक्शन सेटिंग पैनल की सुविधा भी दी गई है.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग लागू होने से अब एक ही दिशा में एक ब्लॉक सेक्शन के भीतर एक के पीछे एक कई ट्रेनें चल सकेंगी.
इससे न केवल ट्रेनों के बीच का अंतराल कम होगा और सेक्शन की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि बाहरी स्टेशनों पर ट्रेनों की वेटिंग में भी भारी कमी आएगी.
नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर 417 पर एक नया 'ऑटो हट' भी बनाया गया है. SECR का कहना है कि सिग्नलिंग नेटवर्क का यह आधुनिकीकरण बढ़ती परिचालन मांगों को पूरा करने और यात्रियों को भरोसेमंद सफर का अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.