कोरबा: दुष्कर्म के आरोपी को 30 साल की सजा
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर की एक नाबालिग छात्रा के साथ हुई दिल दहला देने वाली घटना के आरोपी को विशेष अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है. घटना एक साल पहले 22 अगस्त 2024 को घटी थी, जब स्कूल से लौट रही छात्रा को बाइक सवार एक युवक ने झूठे बहाने से लिफ्ट देकर शहर के बाहर ले गया और बुंदेली के घने जंगल में उसका यौन शोषण किया.
दोष सिद्ध होने पर अदालत ने आरोपी को कुल 30 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया.
विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा के अनुसार, पीड़िता स्थानीय एक स्कूल में पढ़ाई कर रही थी. उस दिन वह पैदल ही घर की ओर बढ़ रही थी, तभी सर्वमंगला चौकी क्षेत्र के बरमपुर-शांतिनगर का रहने वाला कृष्णा यादव (32 वर्ष) अपनी बाइक पर नजर आया.
नाबालिग को देखते ही उसने सहायता का दिखावा करते हुए सवारी का प्रस्ताव रखा और छात्रा को बाइक पर बिठा लिया. लेकिन जैसे ही वह रफ्तार पकड़ता गया, दिशा बदल गई. वह सीधे शहर से दूर बुंदेली जंगल की ओर मुड़ गया, जहां सुनसान में उसने अपनी घिनौनी करतूत अंजाम दी.
अपराध के बाद डरते-डरते आरोपी ने छात्रा को सुनालिया पुल के नजदीक उतार दिया और खुद फरार हो गया.
घर पहुंची पीड़िता ने रोते हुए अपनी मां को सारी घटना बयां की. मां-बेटी तुरंत सिटी कोतवाली थाने पहुंचीं, जहां पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की दुष्कर्म संबंधी धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी और मात्र दो दिनों में उसे धर दबोचा.
विशेष न्यायालय में चली लंबी सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया. विशेष न्यायाधीश डॉ. ममता भोजवानी ने दुष्कर्म के आरोप में 25 वर्ष तथा पॉक्सो एक्ट के उल्लंघन के लिए अतिरिक्त 5 वर्ष की सजा सुनाई.
अभियोजक मिश्रा ने इसे नाबालिगों के प्रति बढ़ते अपराधों पर चेतावनी का संदेश बताया, साथ ही पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की त्वरित कार्रवाई की सराहना की. यह सजा न केवल आरोपी के लिए सबक है, बल्कि समाज को भी सतर्क रहने की याद दिलाती है.