छत्तीसगढ़: 8 वर्षीय त्विषा गोयल ने कराटे में ब्लैक बेल्ट जीतकर रचा इतिहास
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक आठ वर्षीय बालिका ने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन से मार्शल आर्ट्स की दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कक्षा तीसरी की छात्रा त्विषा गोयल ने कराटे में 'ब्लैक बेल्ट' हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है. वह छत्तीसगढ़ में इस विशिष्ट उपलब्धि को प्राप्त करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं.
डॉ. विवेक गोयल की सुपुत्री त्विषा को 12 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर ब्लैक बेल्ट से सम्मानित किया गया. इससे पहले उन्होंने भुवनेश्वर में एक जापानी परीक्षक द्वारा आयोजित अत्यंत कठिन परीक्षा को सफलतापूर्वक पास किया था.
त्विषा की इस सफलता के पीछे उनकी मां डॉ. चनन गोयल की प्रेरणा है, जो स्वयं एक पीडियाट्रिक फिजियोथेरेपिस्ट और ब्लैक बेल्ट धारक हैं. दोनों मां-बेटी प्रशिक्षक सेंसेई कृष्णेंदु दास के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं.
त्विषा की यह यात्रा मात्र चार साल की उम्र में शुरू हुई थी. अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए उन्होंने बेंगलुरु और साल 2025 में टोक्यो स्थित 'जापान कराटे एसोसिएशन' के मुख्यालय में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है. इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिलना अपने आप में एक मिसाल है.
अपनी खेल यात्रा में त्विषा अब तक कुल 19 पदक जीत चुकी हैं, जिनमें 10 स्वर्ण पदक शामिल हैं. उन्होंने अपना पहला स्वर्ण पदक मात्र पांच साल की उम्र में नैनीताल में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में जीता था.
उनकी इन उपलब्धियों के लिए साल 2024 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में अग्रवाल समाज द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है. उनके कोच सेंसेई कृष्णेंदु दास ने उनकी इस उपलब्धि का श्रेय उनकी निरंतरता और परिवार के अटूट सहयोग को दिया है.