70 वर्षीय महिला की लड़ाई: कागजों में मृत, जिंदा होने का सबूत दे रही
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक 70 वर्षीय महिला, शैल शर्मा, एक अजीबोगरीब मामले में न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं. शैल का दावा है कि 1993 में, जब वह 58 साल की थीं, उनकी छोटी बहू ने फर्जी तरीके से उनकी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया.
इस फर्जी प्रमाण पत्र का उपयोग मध्य प्रदेश के सतना में पारिवारिक जमीन को हड़पने के लिए किया गया. यह जमीन मूल रूप से उनके पति देवनारायण शर्मा के नाम पर थी, जिसे बाद में उनकी बहू और पोती के नाम पर हस्तांतरित कर दिया गया.
शैल का कहना है, "मेरी बहू ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर मेरी जमीन अपने और अपनी बेटी के नाम करवा ली. उसने अधिकारियों को यह कहकर मना लिया कि इस जमीन का कोई वारिस नहीं है."
इस धोखाधड़ी का पता चलने पर शैल ने बेमेतरा के कलेक्टर के पास अपनी शिकायत दर्ज की, साथ में मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज पेश किए. उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उनके दावे का समर्थन किया है.
आश्चर्यजनक रूप से, शैल का मृत्यु प्रमाण पत्र उस समय का है जब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का विभाजन नहीं हुआ था.
इसके अलावा, 2019 में मारो में जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1963 की धारा 12/17 के तहत इसे फिर से जारी किया गया.
शैल की इस असामान्य याचिका को गंभीरता से लेते हुए, कलेक्टर रणबीर शर्मा ने मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए हैं.