सोम, 19 अक्टू. 2026

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हॉर्टिकल्चर में करियर: चिरमिरी कॉलेज से आत्मनिर्भर बन रहे छत्तीसगढ़ के युवा

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03 फ़र. 2026, 03:35 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

हार्टीकल्चर
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अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के पोड़ी क्षेत्र में स्थित शासकीय उद्यानिकी महाविद्यालय, चिरमिरी, आज युवाओं के लिए करियर निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है. "धान का कटोरा" कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी (हॉर्टिकल्चर) के प्रति बढ़ता रुझान राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे रहा है. 


डॉ. ऋतु रानी मिंज, अधिष्ठाता, शासकीय उद्यानिकी महाविद्यालय, चिरमिरी के अनुसार, यहाँ से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के पास फल-सब्जी उत्पादन, नर्सरी प्रबंधन, फ्लोरीकल्चर (फूलों की खेती), खाद्य प्रसंस्करण और कृषि प्रसार सेवाओं जैसे क्षेत्रों में असीमित संभावनाएं मौजूद हैं. 

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महाविद्यालय न केवल सरकारी और निजी क्षेत्रों में नौकरी के अवसर तैयार कर रहा है, बल्कि छात्रों को रिसर्च और एग्री-बिजनेस के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.


संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ दी जाने वाली आधुनिक और व्यावहारिक ट्रेनिंग है. महाविद्यालय में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए छात्र अनुभवी प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में प्लांटेशन, फसल प्रबंधन और उन्नत कृषि उपकरणों के उपयोग का जमीनी अनुभव प्राप्त कर रहे हैं. 


डॉ. मिंज का मानना है कि उद्यानिकी क्षेत्र में बढ़ता सरकारी सहयोग और आधुनिक तकनीक का समावेश युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रहा है.यह संस्थान छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उद्यमिता की ओर प्रेरित करने का कार्य कर रहा है, जिससे भविष्य में ये युवा ग्रामीण विकास और टिकाऊ कृषि प्रणाली में एक महत्वपूर्ण स्तंभ साबित होंगे. Symbolic Photo



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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP