भाजपा ने जनता को सिर्फ निराशा दी है- ताम्रध्वज साहू
दुर्ग । संवाददाता: प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के 'सुशासन' के दावों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में आम जनता महंगाई, प्रशासनिक लचरता और बुनियादी अव्यवस्थाओं से त्रस्त है. साहू के अनुसार, जमीनी हकीकत सुशासन के दावों के ठीक उलट 'कुशासन' की कहानी बयां कर रही है. सरकार को इन परिस्थितियों पर आत्ममंथन करने और जनहित में अपनी नीतियों पर दोबारा विचार करने की सख्त जरूरत है.
साहू ने सरकार के भीतर चल रहे अंतर्विरोधों को उजागर करते हुए दावा किया कि न केवल विपक्ष, बल्कि खुद भाजपा के सांसद, विधायक और मंत्री भी विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर अपना असंतोष जाहिर कर चुके हैं.
पूर्व गृह मंत्री ने तर्क दिया कि यदि राज्य में वाकई सुशासन स्थापित होता, तो सत्ता पक्ष के ही जनप्रतिनिधियों को इस तरह सार्वजनिक रूप से अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताने की नौबत नहीं आती. उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने वाला कोई भी ठोस निर्णय धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है.
राज्य के सबसे ज्वलंत मुद्दों में से एक, अवैध उत्खनन को लेकर पूर्व गृह मंत्री ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में धड़ल्ले से चल रहे अवैध रेत उत्खनन में भाजपा से जुड़े लोगों की संलिप्तता की खबरें सामने आ रही हैं. साहू ने मांग की है कि सरकार इन आरोपों की निष्पक्षता से जांच कराए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे.
उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए एक व्यापक अध्ययन के बाद कड़े नियम बनाए जाने चाहिए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की इस लूट को पूरी तरह से थामा जा सके और किसी भी तरह के अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण न मिले.
इसके साथ ही, उन्होंने किसानों की बदहाली और कृषि संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया.
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि राज्य के किसानों को समय पर खाद और बीज जैसी बुनियादी आवश्यकताएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं. इस कमी के कारण खेती-किसानी संकट में है और अन्नदाता बेहद चिंतित है. उन्होंने सरकार से मांग की कि कृषि क्षेत्र को बर्बादी से बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से खाद-बीज की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाए.
आम आदमी की जेब पर पड़ रही दोहरी मार का जिक्र करते हुए ताम्रध्वज साहू ने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे और गारंटियां देकर सत्ता में आई भाजपा ने जनता को सिर्फ निराशा दी है.
बिजली दरों में मनमानी बढ़ोतरी, रसोई गैस की आसमान छूती कीमतें और पेट्रोल-डीजल के ऊंचे दामों ने आम नागरिक का बजट बिगाड़ दिया है. ईंधन की कीमतें बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ी है, जिसका सीधा असर सब्जियों, दालों और राशन जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं पर पड़ रहा है. इस बेकाबू महंगाई की सबसे बड़ी मार गरीब, मजदूर, किसान और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले कमजोर वर्गों पर पड़ रही है.