प्रधानमंत्री आवास योजना पर भाजपा-कांग्रेस में पोस्टर वार
रायपुर । संवाददाता: रायपुर के प्रेस क्लब में आयोजित एक परिचर्चा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के आंकड़ों को लेकर उठा सियासी बवंडर अब सोशल मीडिया के मैदान में पहुंच गया है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मौजूदा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के बीच हुई तीखी नोकझोंक के तुरंत बाद दोनों राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ डिजिटल मोर्चा खोल दिया है.
प्रेस क्लब में योजना की स्वीकृति और निर्माण के आंकड़ों को लेकर शुरू हुई यह जुबानी जंग अब इंटरनेट मीडिया पर आक्रामक बयानों और पोस्टरों के रूप में सामने आ रही है.
सोशल मीडिया पर जारी इस जुबानी हमले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंचायत मंत्री पर सीधा निशाना साधा. उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर तंज कसते हुए लिखा कि अगली बार चर्चा के लिए किसी समझदार व्यक्ति को भेजा जाना चाहिए.
इसके साथ ही उन्होंने तंज भरे लहजे में जोड़ा कि छोटा रिचार्ज सिर्फ रील बनाने तक ही सीमित है. पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान सामने आते ही दोनों खेमों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और ज्यादा पैनी हो गई है, जिससे राज्य का सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है.
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने भी पलटवार करते हुए कई डिजिटल पोस्टर साझा किए हैं. भाजपा ने अपने पोस्टरों के जरिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों और आंकड़ों पर सवाल उठाए. भाजपा के एक पोस्टर में तंज कसते हुए लिखा गया कि जनता ने अब 'इनकमिंग' बंद कर दी है और अगली बार चर्चा के लिए राहुल गांधी को भेजा जाना चाहिए.
वहीं एक अन्य पोस्टर में भाजपा ने अपनी सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों को पूरी तरह सटीक बताते हुए दावा किया कि सही तथ्यों के सामने आते ही विपक्षी भ्रम का गुब्बारा फूट गया है.
इस पूरे विवाद की नींव प्रेस क्लब की उस परिचर्चा में पड़ी, जहां दोनों नेता प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों पर आमने-सामने आ गए थे. कार्यक्रम में मंत्री विजय शर्मा ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल को कठघरे में खड़ा किया था, जबकि भूपेश बघेल ने राज्य सरकार के दावों और आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए थे.
बहस खत्म होते ही दोनों पक्षों के समर्थक और नेता सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए, जिसके बाद से ही पोस्टरों और बयानों का यह सिलसिला लगातार जारी है.