बीजापुर: नदी पर बने अवैध पुल को प्रशासन ने तोड़ा, रेत तस्करों ने बनाया था
बीजापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी की जलधारा को रोककर बनाए गए रेत तस्करों के मंसूबों को प्रशासन ने मिट्टी में मिला दिया है. बीजापुर कलेक्टर समित मिश्रा के कड़े रुख के बाद राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने नदी के बीचों-बीच बनाए गए लगभग 200 मीटर लंबे अवैध मुरुम पुल और रास्ते को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया.
माफियाओं ने बड़े पैमाने पर रेत की चोरी करने के लिए इंद्रावती नदी के प्राकृतिक स्वरूप के साथ खिलवाड़ करते हुए पानी का रुख मोड़ दिया था. इसके लिए बाकायदा चार विशालकाय पाइल (खंभे) खड़े किए गए थे, ताकि भारी वाहनों के लिए सूखा रास्ता तैयार किया जा सके.
इतना ही नहीं, नदी के किनारों को 30 फीट तक काटकर ढलान बनाई गई थी, ताकि तेलंगाना की ओर से आने वाले ट्रक सीधे नदी के सीने में उतर सकें.
प्रशासनिक जांच में इस अवैध नेटवर्क के तार पड़ोसी राज्य तेलंगाना से जुड़े होने की पुष्टि हुई है.
जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के कामलापुर क्षेत्र के माफिया और स्थानीय स्तर पर पंचायत सचिव रवि दुर्गम की मिलीभगत से इस अवैध 'रेत कॉरिडोर' का निर्माण किया गया था. इनका इरादा छत्तीसगढ़ की बेशकीमती रेत को अवैध रूप से सीमा पार खपाने का था.
एसडीएम यशवंत नाग और तहसीलदार लक्ष्मण कुमार राठिया के नेतृत्व में चली इस लंबी कार्रवाई ने तस्करों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया है.
प्रशासन ने अब इस मामले में शामिल स्थानीय पंचायत सचिव और बाहरी भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.