बिहार टेंडर घोटाला: दो IAS अधिकारी सस्पेंड
पटना । डेस्क: भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बिहार सरकार ने शनिवार (30 मई 2026) को एक बड़े टेंडर घोटाले में संलिप्तता के आरोप में दो वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबित किए गए अधिकारियों में साल 2017 बैच के आईएएस योगेश कुमार सागर (निदेशक, दिव्यांगता, समाज कल्याण विभाग) और 2014 बैच की आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा (अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जीविका) शामिल हैं.
बिहार सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी निलंबन आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) और विशेष सतर्कता इकाई (SVU) से प्राप्त दस्तावेजों, सबूतों और बयानों के आधार पर की गई है. दोनों अधिकारियों पर ठेकेदार से रिश्वत, कमीशन और अनुचित लाभ लेने के गंभीर आरोप हैं. यह निलंबन अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के प्रावधानों के तहत किया गया है.
ठेकेदार के घर छापेमारी में मिला कुबेर का धन
यह पूरा मामला ठेकेदार ऋशु रंजन सिन्हा उर्फ ऋशु श्री से जुड़ा है. 27 मई 2026 को एसवीयू (SVU) द्वारा ठेकेदार के ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद उसे धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. छापेमारी के दौरान उसके आवास से 2 करोड़ रुपये के गहने और 2.5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे. इससे पहले नवंबर 2025 में भी ईडी ने इसी परिसर से 2 करोड़ के गहने और 50 से अधिक बिक्री विलेख (सेल डीड) बरामद किए थे.
IAS अधिकारियों को प्रायोजित की थीं विदेश यात्राएं और महंगे शौक
सूत्रों के मुताबिक, ठेकेदार ऋशु रंजन ने सरकारी ठेके हासिल करने के बदले में इन आईएएस अधिकारियों और उनके परिवारों के महंगे शौक पूरे किए थे. आरोप है कि ठेकेदार ने आईएएस योगेश कुमार सागर और उनके परिवार के आठ सदस्यों के लिए जून 2024 में एक यूरोप दौरे का इंतजाम किया था. इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रिया के वियना, साल्ज़बर्ग और सेंट वोल्फगैंग जैसे शहरों की यात्रा की और लक्जरी होटलों में ठहरे.
इस हवाई यात्रा और आवास पर करीब 21.92 लाख रुपये खर्च हुए, जिसका पूरा भुगतान ठेकेदार ने किया था. योगेश कुमार सागर इससे पहले बुडको (BUIDCO) के प्रबंध निदेशक और भागलपुर के नगर आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं.
वहीं, आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा के मामले में खुलासा हुआ है कि ठेकेदार ने उनके घर की छत पर करीब 9 लाख रुपये की लागत से एक टैरेस गार्डन बनवाया था. इसके अलावा, ठेकेदार ने उनके रिश्तेदारों के लिए गोवा, दिल्ली और हैदराबाद की हवाई यात्राओं का खर्च उठाया था और अधिकारी को आईफोन (iPhone) जैसे महंगे उपहार भी दिए थे.
अभिलाषा कुमारी शर्मा इससे पहले सीतामढ़ी की जिलाधिकारी (DM) और वित्त विभाग में संयुक्त सचिव रह चुकी हैं. ईडी की जांच रिपोर्ट के बाद केंद्रीय एजेंसी ने एसवीयू को आगे की कार्रवाई की सिफारिश की थी, जिसके बाद बिहार सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है.