भूपेश बोले- छत्तीसगढ़ बना अपराधगढ़
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपराधगढ़ बन गया है और कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है. पूरे राज्य में हत्या, बलात्कार, लूट, डकैती और नशे के मामलों ने लोगों को भयभीत कर दिया है.
उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष भी स्वीकार कर रहे हैं कि उनके राजनांदगांव विधानसभा में नशे का कारोबार खूब फल-फूल रहा है. नशे के मामले में सरकार ने एक टीआई को निलंबित भी किया है. लेकिन ये कार्रवाई तीन हत्याएं और गैंगवार होने के बाद हुई. यह कार्रवाई केवल औपचारिकता थी.
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि गृहमंत्री विजय शर्मा के संरक्षण में सूखे नशे का व्यापार तेजी से बढ़ रहा है. गृहमंत्री इस पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहे हैं.
गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा छत्तीसगढ़ में SIR (सेंसस इन रियलिटी) की मांग पर बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि SIR करवाना निर्वाचन आयोग का काम है. इसे जनता पर नहीं छोड़ना चाहिए.
उन्होंने विजय शर्मा से पूछा है कि पाकिस्तानी नागरिक कितने हैं और कितनों को वापस भेजा गया है.
मुख्यमंत्री की इच्छा अवश्य पूरी करूंगा
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को दिल्ली रवाना हुए. एयरपोर्ट में उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए विष्णुदेव साय सरकार को कई मुद्दों पर घेरा.
उन्होंने सरकारी आवास पाटन सदन पर बकाया टैक्स को लेकर निगम की ओर से भेजे गए नोटिस को लेकर कहा कि केवल उन्हें ही नोटिस भेजा गया. जबकि शासकीय आवासों में नेता और अधिकारी भी रहते हैं, उन्हें नोटिस क्यों नहीं दिया गया. उन्होंने कहा क यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि वैसे तो शासकीय आवास में संपत्ति कर नहीं लगता, फिर भी जिस पाटन सदन को मैंने पौने दो साल पहले खाली कर दिया था, उसका नोटिस मुझे भेजा गया है. उन्होंने कहा कि भले ही यह नोटिस अवैध हो लेकिन फिर भी मैं मुख्यमंत्री की इच्छा अवश्य पूरी करूंगा.
नेपाल की घटना चिंताजनक
नक्सल मुठभेड़ को लेकर बघेल ने कहा कि अच्छी बात है कि नक्सलवाद खत्म हो, मगर गरीब आदिवासी ना मारे जाएं, इसका ध्यान रखें. कई घटनाओं में आदिवासियों को नक्सली बताया गया है.
भूपेश बघेल ने कहा कि भारत सरकार का पूरा इंटेलिजेंस राहुल गांधी के पीछे लगा हुआ है कि वे कहां आ रहे हैं, कहां जा रहे हैं. लेकिन नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी पड़ोसी देशों की घटनाओं पर इंटेलिजेंस का ध्यान नहीं है. हमारे पड़ोसी देशों की घटनाओं का असर होता है.
उन्होंने कहा कि श्रीलंका में विवाद के दौरान लोग राष्ट्रपति भवन में घुस गए और सत्ता बदल गई. बांग्लादेश में राष्ट्रपति को भागना पड़ा. अब नेपाल में जो हुआ, वह चौंकाने वाला और चिंताजनक है.
धान खरीदी का समय आ गया, पुराना उठा ही नहीं
भूपेश बघेल ने कहा कि फिर धान खरीदी का समय आ गया लेकिन पिछले साल जो धान खरीदी हुई थी, वह अब तक राइस मिलों में जमा नहीं हुई है. धान अभी भी संग्रहण केंद्रों में पड़ा है. करोड़ों का धान वहीं पड़े-पड़े खराब हो गया. कुछ दिनों बाद धान कटाई शुरू हो जाएगी. इससे खरीदी प्रभावित होगी.
उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं इस साल तो किसान खाद की कमी से परेशान हो गए हैं. खाद के बाद अब धान बेचने रजिस्ट्रेशन कराने के लिए परेशान हैं. कहीं भी रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा. जिन किसानों की जमीन दो गांवों में है, उनका भी एक गांव की जमीन का पंजीयन हो रहा है और दूसरे का नहीं. ऐसे में किसान धान कहां बेचेंगे.