बलरामपुर: पिकअप पलटी, धान की रोपाई कर लौट रहीं 2 महिला की मौत
बलरामपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जारगिम-जुड़वानी में बुधवार की शाम महिला श्रमिकों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई. इस वीभत्स दुर्घटना में दो महिला मजदूरों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य महिलाओं की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है.
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त वाहन में करीब 20 से 25 महिला मजदूर सवार थीं, जिनमें से कई अन्य को भी मामूली चोटें आई हैं.
शंकरगढ़ थाना प्रभारी विमलेश सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना की वजह वाहन की अत्यधिक रफ्तार थी. शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि परेवा गांव की महिला श्रमिकों को लेकर लौट रही इस पिकअप ने रास्ते में एक अन्य पिकअप को टक्कर मार दी थी.
टक्कर मारने के बाद चालक को डर था कि स्थानीय ग्रामीण उसे पकड़ लेंगे और इसी डर के मारे वह वाहन को अंधाधुंध रफ्तार में भगाने लगा. इसी दौरान रास्ते में एक मोड़ पर तेज गति होने के कारण वह गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और पिकअप सड़क पर पलट गई.
हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान परेवा गांव की निवासी विमला नगेशिया (40 वर्ष) और कामेश्वरी पैकरा (46 वर्ष) के रूप में हुई है. घटना की भयावहता को देखते हुए राहगीरों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी.
जानकारी मिलते ही शंकरगढ़ पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया. सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से फौरन शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद तीन महिलाओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया गया है.
ये सभी महिला मजदूर परेवा गांव से धान की रोपाई के लिए जारगिम-जुड़वानी आई थीं और शाम करीब 6 बजे काम खत्म करके अपने घर लौट रही थीं.
गौरतलब है कि सरगुजा संभाग में खेती-किसानी के इस सीजन में बड़े पैमाने पर मजदूरों को लाने-ले जाने के लिए मालवाहक वाहनों का अवैध रूप से उपयोग किया जाता है. क्षमता से अधिक लोगों को इन वाहनों में भेड़-बकरियों की तरह लाद दिया जाता है, जिसके कारण अक्सर इस तरह के जानलेवा हादसे सामने आते हैं. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है.