बलरामपुर: सांसद चिंतामणी महराज ने 'मोर गाँव-मोर पानी' अभियान को दी गति
बलरामपुर । संवाददाता: जल जीवन का मुख्य आधार है और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आज से ही सामूहिक रूप से जल सहेजने के प्रयास करने होंगे. यह बात सरगुजा सांसद चिंतामणी महराज ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की ग्राम पंचायत बुढाबगीचा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कही. उन्होंने ग्रामीणों से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने गाँव को पानी के मामले में आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने की अपील की.
कार्यक्रम के दौरान सांसद ने स्वयं खेत में गड्ढा खोदकर इस जनअभियान की औपचारिक शुरुआत की और उपस्थित लोगों को जल संरक्षण का महत्व समझाया.
दरअसल, प्रशासन इस बात पर जोर दे रहा है कि पानी बचाने की यह कवायद सिर्फ कागजी या सरकारी योजनाओं तक ही सीमित न रहे, बल्कि इसमें आम जनता की भी सक्रिय एवं सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो.
इसी सोच के साथ जिले में 'मोर गाँव-मोर पानी' महा अभियान का आगाज बीते 5 जून 2026 से किया गया है. वर्तमान में इसके तहत जिले की तमाम जनपद और ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को श्रमदान करने तथा जल संरक्षण के कार्यों से जुड़ने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में पानी की किल्लत से बचा जा सके.
इस पूरे महा अभियान का मुख्य फोकस किसानों को अपने खेतों के एक हिस्से में जल संचयन के ढांचे तैयार करने के लिए तैयार करना है. इसके लिए ‘5 प्रतिशत मॉडल’ को अपनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत किसान भाई अपनी कृषि भूमि के लगभग पांच फीसदी हिस्से में बारिश के पानी को रोकने और सहेजने का प्रबंध करेंगे.
इस तकनीक से न केवल इलाके के भू-जल स्तर में सुधार आएगा, बल्कि आने वाले दिनों में फसलों की सिंचाई के लिए पानी की सुविधाएं भी काफी मजबूत होंगी.
बुढाबगीचा में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे. इनमें नगर पंचायत अध्यक्ष धरम सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय दुबे, पंचायत इंस्पेक्टर फुलमोहन राम के साथ-साथ पूर्व सरपंच ललन राम और सचिव देवीदयाल मरावी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल थे.
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने पानी बचाने की इस मुहिम को एक बड़ा जनआंदोलन बनाने और अभियान को हर हाल में कामयाब करने का संकल्प लिया.