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अंग्रेजों के पूर्वज अफ्रीका से आये थे!

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12 नव. 2025, 05:28 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

कंकाल
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नई दिल्ली । डेस्क: एक हालिया आनुवंशिक अध्ययन ने अंग्रेजों के पूर्वजों की पारंपरिक समझ को चुनौती दी है. जिसमें वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि आधुनिक अंग्रेजों के कुछ पूर्वज पश्चिमी अफ्रीका से भी आए थे. केंट और डोरसेट, इंग्लैंड से बरामद दो कंकालों के जीन परीक्षण से यह चौंकाने वाला संबंध सामने आया है.


वैज्ञानिकों ने इंग्लैंड के केंट में अपडाउन कब्रिस्तान से एक किशोरी के कंकाल और डोरसेट के वर्थ माट्रावर्स से एक युवक के कंकाल का अध्ययन किया. माना जाता है कि इन व्यक्तियों को सातवीं शताब्दी में दफनाया गया था, जब इंग्लैंड में एंग्लो-सैक्सन युग की शुरुआत हुई थी और रोमन साम्राज्य का पतन हो रहा था.


शोधकर्ताओं ने पाया कि इन दोनों कंकालों के डीएनए का 20 से 40 प्रतिशत हिस्सा उप-सहारा अफ्रीका के लोगों से मेल खाता है. लैंकाशायर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डंकन सेयर के अनुसार, इन कंकालों वाले व्यक्तियों के पूर्वज "आनुवंशिक और भौगोलिक रूप से मिश्रित वंश" के थे. यह निष्कर्ष इस पारंपरिक धारणा के विपरीत है कि मध्ययुगीन इंग्लैंड के लोग सजातीय थे और उनके पूर्वज मुख्य रूप से यूरोप के विभिन्न हिस्सों से आए थे, जिनमें एंग्लो-सैक्सन, केल्टिक और जर्मनिक जनजातियाँ शामिल थीं.


यह नया सिद्धांत बताता है कि अफ्रीकी लोगों के वंशज उस समय से बहुत पहले ब्रिटेन में आ गए थे जब अंग्रेजों ने अफ्रीका या एशिया में उपनिवेश स्थापित करना शुरू किया था. वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि अफ्रीकी लोगों के साथ न केवल आनुवंशिक संबंध थे, बल्कि दोनों महाद्वीपों के लोगों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी होता था, जैसा कि कंकालों के साथ मिली अफ्रीकी कलाकृतियों से संकेत मिलता है.


जर्मन वैज्ञानिक जोशचा ग्रेटज़िंगर का सुझाव है कि किशोरी के कंकाल के पूर्वजों में से किसी ने संभवतः एक गैर-अफ्रीकी मूल के व्यक्ति से शादी की थी, जिससे केंट के अंग्रेजी समुदाय के साथ एकीकरण हुआ. 


वैज्ञानिकों का मानना है कि छठी शताब्दी में जब बीजान्टिन ने उत्तरी अफ्रीका पर कब्ज़ा किया, तो वहाँ से इंग्लैंड में प्रवासन हुआ होगा. ये कंकाल उन्हीं प्रवासियों के वंशज हो सकते हैं, जिनकी मृत्यु सातवीं शताब्दी में हुई थी, और जिनका जीन अफ्रीकी योरूबा, मेंडे, मान्डेका और एसान प्रजातियों के लोगों से जुड़ा हुआ है. यह शोध मध्यकालीन इंग्लैंड के लोगों को मिश्रित वंश के रूप में एक नई रोशनी में दिखाता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP