अमूल दुनिया की दिग्गज डेयरी सहकारी संस्था बनी
नई दिल्ली । डेस्क: गुजरात कोआपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन, जो 'अमूल' ब्रांड का संचालन करता है, ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1 लाख करोड़ के कारोबार का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है. रविवार 5 अप्रैल, 2026 को फेडरेशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष के ₹90,000 करोड़ के मुकाबले इस साल कंपनी ने 11% की शानदार वृद्धि दर्ज की है.
अमूल की इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय उत्पादों के विस्तार और उपभोक्ताओं की बदलती आदतों को दिया जा रहा है.
वर्तमान में अमूल 1,200 से अधिक उत्पादों के पोर्टफोलियो के साथ 50 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है. फेडरेशन ने हाल ही में यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में ताजे दूध की लॉन्चिंग के साथ अपने वैश्विक पदचिह्न का विस्तार किया है.
गुजरात कोआपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के अध्यक्ष अशोकभाई चौधरी ने इस उपलब्धि को 36 लाख डेयरी किसानों की कड़ी मेहनत और बाजार में बढ़ती मांग का परिणाम बताया.
प्रबंध निदेशक डॉ. जयेन मेहता ने कहा कि अमूल केवल अपना परिचालन ही नहीं बढ़ा रहा, बल्कि एक किसान-स्वामित्व वाली संस्था की परिभाषा को भी आधुनिक विश्व में पुनर्परिभाषित कर रहा है.
आंकड़ों के अनुसार, अमूल प्रतिदिन 31 मिलियन लीटर दूध एकत्र करता है और सालाना 24 बिलियन से अधिक पैक वितरित करता है.
अंतरराष्ट्रीय सहकारी गठबंधन द्वारा शीर्ष सहकारी संस्था का दर्जा प्राप्त करने के बाद, अमूल अब 'सरदार पटेल सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड' के माध्यम से गुजरात के बाहर के डेयरी सहकारी समितियों को भी एक राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है.