अमरावती: वेंटिलेटर फटने से तीन नवजात बच्चों की मौत
अमरावती । डेस्क: महाराष्ट्र के अमरावती स्थित जिला महिला अस्पताल में सोमवार तीसरी मंजिल पर बने स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में तड़के करीब 3:30 बजे अचानक एक वेंटिलेटर में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद वहां भीषण आग फैल गई. इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से झुलसने और दम घुटने के कारण 3 नवजात शिशुओं की असमय मृत्यु हो गई.
दमकल और कर्मचारियों ने 15 मिनट में पाया आग पर काबू
हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन, डॉक्टरों, नर्सों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया. आग लगते ही मेडिकल उपकरणों को हटाया गया और वार्ड में मौजूद बच्चों को तेजी से सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई. गड़गे नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गोरखनाथ जाधव के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र से 6 शिशुओं को सकुशल बाहर निकाल लिया गया. वहीं, दमकल विभाग और अस्पताल कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से 10 से 15 मिनट के भीतर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया. हादसे के समय इस विशेष इकाई में कुल 39 नवजात बच्चे भर्ती थे.
घायल नवजात बच्चों का इलाज जारी, एक की हालत गंभीर
आग लगने की घटना के बाद कई बच्चों को तुरंत इलाज के लिए विभागीय रेफरल सेवा अस्पताल में स्थानांतरित किया गया. महाराष्ट्र के राजस्व और अमरावती जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि अस्पताल में स्थानांतरित किए गए बच्चों में से 4 का उपचार लगातार जारी है, जबकि एक नवजात की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है.
घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश
पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि इस दुखद हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के आदेश दे दिए हैं. मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को हर संभव चिकित्सा और प्रशासनिक सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए.
गौरतलब है कि अस्पताल का एसएनसीयू (SNCU) वार्ड समय से पहले जन्मे (प्री-मैच्योर), कम वजन वाले और गंभीर स्थिति से जूझ रहे नवजात शिशुओं के विशेष इलाज के लिए बनाया गया है, जहां इस अप्रत्याशित हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.