छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के अमित बघेल ने किया समर्पण
रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के नेता अमित बघेल को देवेंद्र नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. बघेल खुद थाने के बाहर सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन थाने से लगभग 20 मीटर पहले ही पुलिस ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया.
इस दौरान हल्का बल प्रयोग भी किया गया. पुलिस जहां इसे कानूनन गिरफ्तारी बता रही है, वहीं समर्थकों का कहना है कि बघेल स्वेच्छा से सरेंडर करने आए थे, इसलिए यह गिरफ्तारी नहीं, ‘सरेंडर’ माना जाना चाहिए.
गिरफ्तारी के बाद अमित बघेल को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. चूंकि शुक्रवार को ही उनकी मां का निधन हो गया था, इसलिए पुलिस कस्टडी में उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैतृक गांव पथरी ले जाया जाएगा. शनिवार को अंतिम संस्कार होना है.
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बघेल के समर्थक सड़क पर उतर आए और आमापारा जी रोड को जाम कर दिया. करीब दो घंटे तक दोनों ओर का यातायात बाधित रहा. बाद में पुलिस ने एक ओर का रास्ता खोलकर हालात को नियंत्रित किया. आम लोगों को इस दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस और समर्थकों ने आपसी समझदारी दिखाते हुए एंबुलेंस को रास्ता दिया.
गौरतलब है कि अमित बघेल विवादित बयानों और आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े मामलों में करीब 26 दिनों से फरार थे. उनके खिलाफ 12 राज्यों में FIR दर्ज है.
27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के बाद बघेल ने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के इष्ट देवता झूलेलाल के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसके बाद प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देशभर में अग्रवाल और सिंधी समाज के लोगों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए थे.
इससे पहले 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि अपनी जुबान पर लगाम रखें. इसके पहले 24 नवंबर की सुनवाई में कोर्ट ने साफ कर दिया था कि वह FIR क्लबिंग जैसे किसी मुद्दे पर हस्तक्षेप नहीं करेगा. अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था-पुलिस आपको अलग-अलग राज्यों में ले जाएगी, पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए.
साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि जहां-जहां FIR दर्ज है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा.
इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अलग-अलग धर्म और समुदाय के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के कारण विभिन्न जिलों में बघेल पर FIR दर्ज की गई थी. कानून ने अपना काम किया है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी.
अमित बघेल की गिरफ्तारी के साथ ही राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. अब पुलिस रिमांड में होने वाली पूछताछ और आने वाले कानूनी कदमों पर सबकी निगाहें हैं.