अंबिकापुर: एकतरफा सनक में सेल्सगर्ल का मर्डर करने वाले दोषी को उम्रकैद
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक साल पहले हुई सनसनीखेज वारदात में अदालत ने इंसाफ करते हुए मुख्य आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. सप्तम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज की अदालत ने आरोपी पर आर्थिक दंड लगाने के साथ ही मृतका के परिजनों को ₹5 लाख का मुआवजा देने का निर्देश जारी किया है.
अभियोजन पक्ष ने दोषी के लिए मृत्युदंड की मांग रखी थी, लेकिन कोर्ट ने यह तर्क देते हुए फांसी की अर्जी खारिज कर दी कि महज प्राथमिकियों के आधार पर किसी आरोपी के सुधार की गुंजाइश को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता.
मामले के संबंध में अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार दुबे ने बताया कि इस प्रकरण में कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे. इसके अलावा वारदात से जुड़े सीसीटीव फुटेज को भी मजबूत डिजिटल साक्ष्य के रूप में अदालत में पेश किया गया, जिसने पूरे हत्याकांड की कड़ी से कड़ी जोड़ने में अहम भूमिका निभाई.
सजा पाने वाला अपराधी जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन मूल रूप से बलरामपुर के कुसमी का निवासी है और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है.
यह दिल दहला देने वाली घटना 2 अक्टूबर 2025 को चोपड़ापारा स्थित श्री कृपा पेट्रोल पंप पर सुबह करीब 11:30 बजे घटी थी. मृतका विद्यावती टोप्पो उर्फ भारती भी आरोपी के ही क्षेत्र की रहने वाली थी और पेट्रोल पंप पर सेल्सगर्ल के रूप में कार्यरत थी. दोनों के बीच पूर्व में जान-पहचान थी, लेकिन कुछ समय से युवती ने उससे बातचीत बंद कर दी थी.
इसी बात से आक्रोशित होकर आरोपी ने हत्या की पूरी साजिश रची. वारदात से पहले वह शहर के एक लॉज में रुका, नया चाकू खरीदा और वारदात के दिन एयर पिस्टल व धारदार हथियार लेकर बाइक से सीधे पेट्रोल पंप पहुंच गया.
अदालत में पेश साक्ष्यों के अनुसार घटना से एक दिन पहले भी आरोपी ने पेट्रोल पंप पहुंचकर युवती का मोबाइल छीनकर पटक दिया था. अगले दिन उसने दिनदहाड़े सेल्सगर्ल पर चाकू से ताबड़तोड़ कई हमले कर दिए, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
इस दौरान बीच-बचाव करने आए साथी कर्मचारी संतोष यादव पर भी उसने हमला कर उन्हें घायल कर दिया. वहीं, गोलियों की परवाह न करते हुए पास के एक दुकानदार गुरदेव सिंह ने साहस दिखाया और स्थानीय लोगों की मदद से हमलावर को मौके पर ही दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया था.
न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धाराओं में उम्रकैद के अलावा जानलेवा हमले (धारा 117(2)) में 5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा आर्म्स एक्ट के तहत 3-3 साल की सजा सुनाई है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. पुलिस जांच की त्वरित कार्रवाई और साक्ष्यों की सटीकता के कारण महज 12 महीनों के भीतर आए इस फैसले से पीड़िता के परिवार को कानूनी न्याय मिला है.