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विमान दुर्घटना: मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत बीमा भुगतान

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15 जून 2025, 12:56 AM 2 मिनट में पढ़ें 3

विमान दुर्घटना
विमान दुर्घटना

नई दिल्ली । डेस्क: 12 जून, गुरुवार को अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में 241 यात्रियों की मौत हुई, साथ ही विमान के एक मेडिकल छात्रों के हॉस्टल से टकराने के कारण कई छात्रों की भी जान गई.


एयर इंडिया ने मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. हालांकि, बीमा कंपनियों पर इस हादसे से संबंधित दावों का अनुमान 1000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच सकता है. लेकिन मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत 241 मृतकों को कुल 3 अरब 95 करोड़ 24 लाख रुपयों का बीमा देना पड़ सकता है. 

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मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत जिम्मेदारी


भारत द्वारा 2009 में हस्ताक्षरित मॉन्ट्रियल कन्वेंशन, 1999 के अनुसार, विमानन कंपनी मृत्यु या चोट के मामलों में जवाबदेह है. प्रत्येक यात्री के लिए बिना दोष सिद्ध किए 1,28,821 स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) तक का मुआवजा, जो वर्तमान विनिमय दर के हिसाब से लगभग 1 करोड़ 64 लाख रुपये है.

यदि विमानन कंपनी की लापरवाही सिद्ध होती है, तो इससे अधिक मुआवजा भी देना पड़ सकता है.


हादसे में मारे गए 242 यात्रियों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 1 कनाडाई और 7 पुर्तगाली नागरिक शामिल थे.


बीमा दावों का अनुमान


एयर इंडिया का यह विमान 20 बिलियन डॉलर के वैश्विक विमान बीमा कार्यक्रम के तहत कवर था, जो दो हिस्सों में बंटा है:

विमान का नुकसान: ड्रीमलाइनर विमान के लिए 211 से 280 मिलियन डॉलर तक का दावा.

कानूनी और यात्रियों के दावे: अंतरराष्ट्रीय पुनर्बीमा कंपनियों द्वारा 1.5% से 15% साझेदारी के आधार पर दावों का निपटारा किया जाएगा.


ब्रोकरेज फर्म हायडेन इंडिया के एमडी और सीईओ अमित अग्रवाल ने बताया कि विमानन कंपनी अंतरिम मुआवजा घोषित कर सकती है, लेकिन अंतिम मुआवजा मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के दिशानिर्देशों के आधार पर होगा.


एसडीआर का मूल्य


एक एसडीआर की कीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 120 रुपये है, जो पांच मुद्राओं (अमेरिकी डॉलर, यूरो, चीनी युआन, जापानी येन और ब्रिटिश पाउंड) के आधार पर तय होती है.


अंतिम मुआवजा यात्रियों के बीमा कवरेज पर निर्भर करेगा.


यह हादसा भारत के इतिहास में सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक है. बीमा कंपनियों पर भारी-भरकम दावों का दबाव पड़ने की संभावना है, और मुआवजे की प्रक्रिया मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत आगे बढ़ेगी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP