कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद की किल्लत
भुवनेश्वर । डेस्क: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंतरराष्ट्रीय बाजार से उर्वरक (खाद) जुटाने में आ रही चुनौतियों को खुलकर स्वीकार किया है. भुवनेश्वर में पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्यों और किसानों से आग्रह किया कि वे विकल्प के तौर पर जैविक खेती (ऑर्गेनिक फार्मिंग) को तेजी से अपनाएं.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के बावजूद केंद्र सरकार हमारे किसानों के लिए जहां कहीं भी खाद उपलब्ध है, उसे हासिल करने का हरसंभव प्रयास कर रही है. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इस संकट के समय में सब्सिडी वाले उर्वरकों की कालाबाजारी और अन्य क्षेत्रों में इसके डायवर्जन को सख्ती से रोका जाए.
साथ ही, नकली और खराब गुणवत्ता वाली खाद बेचने वालों के खिलाफ राज्यों को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए चौहान ने बताया कि हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने उर्वरक सब्सिडी के लिए 41,000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. उन्होंने मिट्टी की सेहत बचाने के लिए हर किसान से अपनी जमीन के कम से कम एक हिस्से पर जैविक खेती शुरू करने की अपील की.
जून में चलेगा 'खेत बचाओ अभियान', आएंगे दो नए बिल
कृषि मंत्री ने भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार कीटनाशकों और बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संसद में दो नए विधेयक (Bills) लाने की तैयारी कर रही है. इसके अलावा, इस साल अल नीनो (El Nino) के प्रभाव के कारण कम बारिश की आशंका को देखते हुए उन्होंने किसानों को कम पानी वाली फसलें उगाने की सलाह दी.
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए 1 जून से 15 जून तक देश में 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जाएगा. इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और बिहार, छत्तीसगढ़ व पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री भी मौजूद रहे.