शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

अडानी केस: अमेरिकी जज ने तुरंत राहत देने से किया इनकार

C

CG Khabar

27 जून 2026, 06:28 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

गौतम अडानी
गौतम अडानी

न्यूयॉर्क । डेस्क: न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ आपराधिक मामलों को तुरंत खारिज करने से इनकार कर दिया है. अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गरौफिस ने अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) को आदेश दिया है कि वह अडानी के खिलाफ मामलों को वापस लेने या बंद करने के अपने फैसले का ठोस और उचित कारण बताए.  


गौरतलब है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने मई महीने में यह घोषणा की थी कि वह अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं बढ़ाएगा. इसके बाद इसी हफ्ते बुधवार को गौतम अडानी की कानूनी टीम ने कोर्ट से औपचारिक रूप से इन आरोपों को खारिज करने की अपील की थी. हालांकि, अमेरिकी नियमों के अनुसार जब तक न्यायाधीश अपनी मंजूरी नहीं दे देते, तब तक किसी भी आपराधिक मामले को आधिकारिक तौर पर बंद नहीं किया जा सकता. 


न्यायाधीश ने सरकार की दलील को नाकाफी बताते हुए न्याय विभाग को अधिक जानकारी देने के लिए 13 जुलाई तक का समय दिया है.  


क्या है पूरा मामला?


गौतम अडानी पर साल 2024 में आरोप लगे थे कि उन्होंने भारत में एक सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी दिलाने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत देने की सहमति जताई थी. इसके अलावा उन पर यह भी आरोप था कि उन्होंने अमेरिकी निवेशकों के सामने अपनी कंपनी की भ्रष्टाचार-विरोधी नीतियों को लेकर भ्रामक जानकारी पेश की. 


हालांकि, अडानी समूह शुरुआत से ही इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज करता आया है और किसी भी तरह की गड़बड़ी से साफ इनकार किया है. वकीलों की दलीलें और वित्तीय समझौतेअदालत में दिए गए एक पत्र में अडानी के वकील रॉबर्ट गिउफ्रा ने तर्क दिया कि यह पूरा मामला अमेरिकी कानून के अधिकार क्षेत्र से बाहर का है, क्योंकि अमेरिकी अभियोजक भारत में हुई कथित रिश्वतखोरी को वहां साबित नहीं कर पाएंगे. 


वकील के मुताबिक, न्याय विभाग ने यह फैसला अडानी के कानूनी दल के साथ महीनों तक चली विस्तृत चर्चा और बैठकों के बाद लिया था.


इसके साथ ही, अडानी के वकील ने न्यायाधीश से अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) द्वारा दायर किए गए दीवानी मामलों को भी औपचारिक रूप से बंद करने का आग्रह किया है. 

इस दीवानी मामले में एक समझौता हुआ है, जिसके तहत गौतम अडानी 60 लाख डॉलर (लगभग 6 मिलियन डॉलर) और उनके भतीजे सागर अडानी 1.2 करोड़ डॉलर (लगभग 12 मिलियन डॉलर) का जुर्माना देने पर सहमत हुए हैं.  


ईरान प्रतिबंधों से जुड़ा अलग मामला


इस पूरे घटनाक्रम से इतर, अडानी समूह की मुख्य कंपनी 'अडानी एंटरप्राइजेस लिमिटेड' ने एक अन्य मामले में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के साथ समझौता किया है. कंपनी ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन से जुड़े एक मामले को सुलझाने के लिए अमेरिकी सरकार को 27.5 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर सहमत हुई है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP