बीजापुर मुठभेड़ में एक नाबालिग भी मारा गया
छत्तीसगढ़ के बस्तर में पुलिस माओवादियों की मुठभेड़ में एक नाबालिग मारा गया
बस्तर | पुष्पेन्द्र सिंहः गुरुवार के दिन मुठभेड़ में पुलिस ने जिस जगह 26 संदिग्ध माओवादियों के मारे जाने का दावा किया है. वह इलाका बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है.
जहां पर मुठभेड़ हुई वह अन्ड्री का जंगल कहलाता है. पुलिस के इन दावों के बीच एक नाबालिग के मारे जाने की भी जानकारी निकलकर सामने आयी है. बीते गुरुवार को अन्ड्री मदुम पारा के जंगलों में सुरक्षा बलों और माओवादियों के पश्चिमी बस्तर डिवीजन कमेटी की मुठभेड़ हुई.
पहाड़ पर मौजूद इस घने जंगल में मुठभेड़ के समय पूरा इलाका गोलियों की गूंज से दहल उठा. यह बीजापुर और दंतेवाड़ा ज़िले के सीमावर्ती क्षेत्र में बसा हुआ है.
अन्ड्री के मदुम पारा के जंगलों में माओवादी पापा राव सहित डीवीसीएम अशोक सहित , सीतो कड़ती की उपस्थिति की सूचना पर तीन जिलों बीजापुर , दंतेवाड़ा , सुकमा से सुरक्षा बल के जवानों को रवाना किया गया था.
इस मुठभेड़ में डीवीसीएम सीतो कड़ती सहित पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के कंपनी नंबर 2 के कुल 26 माओवादियों के मारे जाने का दावा पुलिस के आला अधिकारी कर रहे हैं.
लेकिन सच ये है कि इस मुठभेड़ में रमलू नाम का एक किशोर भी मारा गया है. गांव के लोग बताते हैं कि रमलू का बड़ा भाई मधु नक्सल संगठन में सक्रिय था.
रमलू अपने भाई से मिलने गया था. फोर्स से मुठभेड़ के दौरान वह भी चपेट में आ गया. ग्रामीण कहते हैं- मुठभेड़ के दौरान 34 माओवादी मौजूद थे. इस मुठभेड़ में पापाराव सहित 8 माओवादी किसी तरह से बच निकले.
मारे गए 26 माओवादियों में से 18 माओवादियों की पुलिस ने शिनाख्त कर ली है. पुलिस का कहना है कि 26 में से 18 माओवादियों पर 93 लाख का ईनाम घोषित था.
अयरन हिल की पहाड़ियों के नीचे बसा गांव
अन्ड्री गांव पहुंचने के लिए कठिन रास्तों ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के पथरीले रास्तों को तय करना पड़ता है.
अन्ड्री वह इलाका है जो दंतेवाड़ा ज़िले की आयरन हिल बैलाडीला और बचेली के लौह अयस्क से भरपूर पहाड़ के नीचे बसा गांव है.
तीन तरफ से आयरन हिल की ऊंची पहाड़ी तो दूसरी ओर पीड़िया, पूरंगेल, गमपुर के जंगल इन्हीं के बीच बसा है अन्ड्री गांव.
इसी अन्ड्री के मदुमपारा के जंगलों में स्थित है हर्रा पहाड़ी. इसी पहाड़ी में गुरुवार सुबह सात बजे से 12 बजे तक रुक रुककर दोनों ओर से गोली बारी होती रही.
दहशत में ग्रामीण
जब सीजी खबर की टीम अन्ड्री गांव पहुंची तो पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था. बीते गुरुवार को मुठभेड़ वाले दिन ताबड़तोड़ गोलियों की गूंज से दहशतजदा ग्रामीण मुठभेड़ के दूसरे दिन भी कुछ बात करने से बच रहे थे.
जब गांव के कुछ ग्रामीणों से बात हुई तब वह सीजी खबर की टीम के साथ मुठभेड़ वाले स्थल पर चलने को तैयार हुए. ग्रामीणों ने बताया कि इस मुठभेड़ में डीवीसीएम अशोक और सीतो कड़ती भी ढेर हुआ है.
खून के धब्बे और गोलियों के निशान
जब हमारी टीम गांव से मुठभेड़ स्थल पर पहुंची तो देखा कि जंगल के चारों तरफ पेड़ो में गोलियों के निशान थे.
एंड्री के मदुम पारा के जंगलों में चार से सात किलोमीटर के दायरे में अलग-अलग स्थानों में सुरक्षा बल के जवानों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी.
जंगल के अलग-अलग स्थलों पर मारे गए माओवादियों के दैनिक उपयोग के सामानों और दवाई के पैकेट पड़े हुए थे.
एंड्री गांव के हर्रा पहाड़ी के जंगलों में गिरे खाली कारतूस के खोखे, सूखे पत्तों और पत्थरों में खून के धब्बे भीषण मुठभेड़ के गवाही दे रहे हैं.
जंगल के अलग हिस्सों पर मारे गए संदिग्ध माओवादियों के खून के धब्बे हर जगह मौजूद हैं.