मालवाहक में ढो रहे सवारी, दो की मौत
छत्तीसगढ़ मालवाहक में ढो रहे सवारी, दो की मौत
कवर्धा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा है.
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद भी कोई सबक नहीं ले रहा है.
शनिवार शाम को भी 40 लोगों से भरा एक मालवाहक वाहन पिकअप दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई. वहीं 25 लोग घायल हो गए हैं. जिसमें से 5 लोगों की हालत काफी गंभीर बनी हुई है.
बताया गया कि लोहारा विकासखंड के हाथीडोब सिंघनपुरी के साहू परिवार के लोग पिकअप वाहन में सवार होकर बेटी की शादी के बाद चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने लोहारा जा रहे थे. इसी दौरान कबीरधाम जिले के सरोधा के पास पलानी घाट में तेज रफ्तार पिकअप वाहन पलट गया.
हादसे में पिकअप सवार अधिकांश लोग घायल हो गए. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची.
तत्काल सभी घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया. जहां इलाज के दौरान उर्वशी साहू और मुखीन बाई साहू की मौत हो गई.
पिछले साल ही 20 मई 2014 को कबीरधाम जिले में ही एक पिकअप वाहन के पलटने से 19 लोगों की मौत हो गई थी. सभी लोग मजदूर थे और तेंदूपत्ता तोड़कर गांव लौट रहे थे. यह घटना कुकदूर थाना क्षेत्र के बाहपानी गांव के पास हुई थी. इस समय भी पिकअप में 25 से अधिक लोग सवार थे.
यातायात नियमों का उल्लंघन
मालवाहक वाहनों में सवारी ढोना पूरी तरह से प्रतिबंध है. यह यातायात नियमों का उल्लंघन है और उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है. उसके बाद भी उसमें वाहन की क्षमता से ज्यादा सवारी ढोया जा रहा है. जबकि आए दिन मालवाहक वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें मिलती रहती हैं.
मालवाहक का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक किया जाता है. पैसा बचाने के लिए ग्रामीण इसी का उपयोग करते हैं. कम खर्च में मालवाहक आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर शादी, चौथिया, छट्ठी और मजदूरों को लाने ले जाने में उसका उपयोग हमेशा किया जाता है.
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा भी कार्रवाई नहीं करने से इनके हौसले बुलंद हैं.