रवि, 18 अक्टू. 2026

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ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां हुई तेज

छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां हुई तेज

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13 फ़र. 2025, 09:09 AM 4 मिनट में पढ़ें 2

पंचायत चुनाव
पंचायत चुनाव

रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के बाद अब त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है. 


चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. 

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सुबह से लेकर शाम और देर रात जनसंपर्क का दौर चल रहा है. गली मोहल्ला बैनर-पोस्टर और दीवाल पेंटिंग से पट गया है. 


साथ ही जगह-जगह चुनावी गीत बज रहे हैं. जिसके चलते पूरा ग्रामीण क्षेत्र चुनावी रंग में रंग गया है.


प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में होना है. पहले चरण में 17 फरवरी को वोट डाले जाएंगे. 


इसके बाद दूसरे चरण में 20 फरवरी और तीसरे और अंतिम चरण के लिए 23 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई है. 


प्रदेश में इस बार 433 जिला पंचायत सदस्य और 2973 जनपद पंचायत सदस्यों के साथ ही 11671 सरपंच पद के लिए चुनाव होने वाले हैं.


वहीं पंच के 1 लाख 60 हजार 161 पद के लिए 2 लाख 92 हजार से ज्यादा प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं.


मतदाताओं को लुभाने हर प्रयास

चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही, वैसे-वैसे प्रत्याशियों के बीच कश्मकश बढ़ती जा रही है. 


जिसके चलते चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को लुभाने कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. 


आम से लेकर खास तरह के लोगों की पूछ परख बढ़ गई है. सामूहिक बैठक आयोजित कर खाने-पीने का दौर चल रहा है. 


प्रत्याशी किसी भी मतदाता को नाराज नहीं करना चाहते, जिसके चलते उनकी हर तरह की मांगों को पूरा किया जा रहा है. 


शादी, छट्ठी और अन्य तरह के आयोजनों के लिए नगद राशि भी बांट रहे हैं. 


 इतना ही नहीं चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड भेद की नीति अपना रहे हैं. 


वहीं बैनर-पोस्टर लगाने की होड़ भी लगी हुई है. कई प्रत्याशी तो शहरों की तर्ज पर अपने चुनाव चिन्ह व अपने नाम के ऑडियो वीडियो बजाते हुए गली गली में घूम रहे हैं. 


शाम होते ही बदलता माहौल
पंचायत चुनाव के चलते गांवों में शाम ढलते ही पूरा माहौल ही बदल जा रहा है. गली-मोहल्लों में बैठकों का दौर शुरू हो जाता है. 


हर 10-15 घरों के बाद भीड़ दिखाई दे रही है. जहां चुनावी रणनीति तैयारी की जा रही है. 


मतदाताओं को अपने पाले में लाने लोक-लुभावनी नीतियां बनाई जा रही हैं. 


वहीं बैठक समाप्त होते ही पार्टी का दौर शुरू होता है. जहां चिकन-मटन के साथ ही शराब भी परोसी जाती है. 


चश्मा, गिलास, झोपड़ी, फावड़ा चुनाव चिन्ह 
त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव दलीय आधार पर नहीं कराए जाते. हालांकि जिला और जनपद पंचायतों के लिए राजनीतिक दल अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा करते हैं.


लेकिन उन्हें भी चुनाव चिन्ह आयोग द्वारा निर्धारित मापदंड के मुताबिक ही प्रदान किए जाते हैं.


सरपंच प्रत्याशियों को जो चुनाव चिन्ह आबंटित किए गए है वह अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम के अनुसार आबंटित किए गए हैं. 


जिसमें चश्मा, कांच का गिलास, फलों सहित नारियल पेड़, हस्तचलित पंप, ताला और चाबी, अनाज बरसाता हुआ किसान, सब्जियों की टोकरी एवं घंटी आदि हैं. 


वहीं पंचों के लिए सीढ़ी, फावड़ा, बाल्टी आदि चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं. 


जनपद सदस्यों को बरगद का पेड़, ब्लैक बोर्ड़, झोपड़ी छाप तो जिला पंचायत के प्रत्याशियों को दो पत्ती, उगता सूरज,  ट्रैक्टर चलाता हुआ किसान और पतंग चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं. 


एक साथ डालने होंगे चार वोट 
पंचायत चुनाव में वोटरों को एक साथ चार-चार मत डालने हैं. इसलिए इन सभी चुनाव चिन्हों को मतदाताओं को उम्मीदवार बारीकी से समझा रहे हैं.


क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मतदाता अधिक हैं जिन्हें पढ़ना-लिखना नहीं आता. वे चुनाव चिन्ह को देखकर ही फैसला लेते हैं कि किस छाप पर कौन प्रत्याशी खड़ा है और उसे किसे वोट देना है. 


इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव चिन्ह का महत्व अधिक है. 


इन दिनों चुनावी माहौल में किसी भी ग्रामीण को कैसी भी जरूरत पड़ने पर कई मददगार सामने आ रहे हैं. 


किसी को नगद रकम की जरूरत हो या कोई सामग्री चाहिए, मददगार बिना कोई संकोच किए मदद करने आगे आ रहे हैं. 


ये मददगार कोई और नहीं पंचायत चुनाव के उम्मीदवार हैं.
 

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP