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पहलगाम हमला केन्द्र सरकार की चूक- भूपेश

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Hupendra Sharma

24 अप्रै. 2025, 02:15 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

पहलगाम हमला
पहलगाम हमला

दुर्ग | संवाददाताः पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की तुलना छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी हत्याकांड से की है.


उन्होंने कहा कि दोनों जगह सुरक्षा नहीं थी. पहलगाम में धर्म पूछकर हत्या की गई और झीरम में नाम पूछकर मारा गया था.

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उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले पर कहा कि यह केन्द्र सरकार की चूक है. अगर सुरक्षा और इंटेलिजेंस इतनी कमजोर है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है.


27 बेकसूर लोगों की मौत नहीं हुई, बल्कि 27 परिवार को उजाड़ दिया है. 


हालांकि भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि इस मुश्किल घड़ी में हम सब केन्द्र सरकार के साथ खड़े हैं. सरकार जो भी निर्णय लेगी उसका समर्थन करेंगे.


लेकिन केन्द्र सरकार इस बात का जवाब दे कि उनका जो इंटेलिजेंस फेल हुआ, उसके लिए जिम्मेदार कौन है. इस घटना की जिम्मेदारी कौन लेगा.


पहलगाम और संविधान रैली पर चर्चा

भिलाई के एक निजी होटल में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम पहलगाम की घटना और संविधान बचाओ रैली पर बात करने आए हैं.


सबसे पहले तो उन्होंने पहलगाम घटना पर गहरी पीड़ा व्यक्त की.


उन्होंने कहा कि इस आतंकी हमले ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है. जो लोग खुशी के पल बिताने गए थे, वे अब दुखी होकर लौटे हैं.


भाजपा इसमें भी अवसर खोज रही

पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा इतनी बड़ी घटना में भी अपना अवसर खोज रही है.


अभी तक केन्द्र सरकार ने यह नहीं पूछा कि पहलगाम में सुरक्षा को लेकर क्यों चूक हुई.


जहां देश और विदेश से पर्यटक आते हैं वहां सुरक्षा क्यों नहीं थी. इससे पहले प्रधानमंत्री का वहां दौरा था, जिसे रद्द किया गया.


इससे पहले गृहमंत्री ने समीक्षा बैठक की. इसके बाद भी इतनी बड़ी इंटेलिजेंस की चूक कैसे हो गई.


संविधान को तोड़ा मरोड़ा जा रहा

भूपेश बघेल ने संविधान यात्रा को लेकर कहा कि संविधान को तोड़ा मरोड़ा जा रहा है. विपक्षी दल के नेताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है.


जहां कांग्रेस पार्टी की सरकार नहीं है, वहां उनके क्षेत्रीय नेताओं को परेशान करने निशाना बनाया जा रहा है. राष्ट्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है.


उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन होता है, आईटी और ईडी की कार्रवाई करवा दी जाती है.


रायपुर में कांग्रेस के अधिवेशन से पहले ईडी ने कई कांग्रेस नेताओं के घर छापे मारे.


अहमदाबाद में भी राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई.


संविधान के लिए सड़क पर उतरना जरूरी

भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस जब भी देश में या प्रदेश में अधिकार और संविधान की बात करती है, तब केंद्र की भाजपा सरकार सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को दबाने का काम करती है.


इस तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो लोकतंत्र और संविधान खतरे में है. इसलिए संविधान की रक्षा के लिए अब सड़क पर उतरना जरूरी हो गया है.


इसीलिए इस यात्रा की शुरुआत भिलाई से की जा रही है. इस यात्रा में प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और दुर्ग संभाग के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल होंगे.


इस यात्रा का उद्देश्य देश में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है.


उन्होंने बताया कि संविधान के संरक्षण के लिए 40 दिनों तक अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान जन जागरूकता कार्यक्रम और रैलियां आयोजित की जाएंगी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP