नई फसल का नहीं मिल रहा वाजिब दाम
नये फसल का नहीं मिल रहा वाजिब दाम
धमतरी | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में रबी फसल के तहत लिए गए नये उपज का मंडी में वाजिब दाम नहीं मिल रहा है. मजबूरी में किसानों को कम दामों पर फसल बेचना पड़ रहा है. इससे मंडी पहुंचने वाले किसानों में मायूसी छाई हुई है.
धमतरी जिले में अधिकांश किसानों का रवि फसल के तहत लिए गए धान पककर तैयार हो गया है. जिन किसानों ने काटाई और मिंजाई का काम पूरा कर लिया है वे फसल बेचने के लिए कृषि उपज मंडी पहुंच रहे हैं. लेकिन मंडी में धान का भाव देखकर किसान मायूस हो रहे हैं.
मंडी पहुंचे किसानों का कहना है कि इस बार उन्हें रबी फसल के नये उपज का जो दाम मिल रहा है वह बेहद कम है. इससे उन्हें रबी सीजन में धान फसल लेना घाटे का सौदा साबित हो रहा है. किसानों ने बताया कि मंडी में आईआर चौसठ धान का 1901 रुपये तक भाव मिल रहा है. वहीं सांभा धान को मात्र 2400 रुपये तक काट रहे हैं.
इसी प्रकार ओम थ्री 2452 रुपए एवं गोल्डल सांभा 2250 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है.
किसानों का कहना है कि इतने कम दाम मिलने से खर्च निकालना मुश्किल हो गया है. जोताई, मचाई, खाद, निंदाई और दवाई का खर्च जोड़ें तो जो दाम मिल रहा है वह बेहद कम है.
किसानों ने जो मेहनत किया उसका तो मूल्य जोड़ ही नहीं रहे हैं. बताया गया कि मंडी में धान की आवक करीब दो हजार कट्टा थी, जो बढ़कर इन दिनों चार हजार कट्टा हो गई है.
हालांकि धान की आवक बढ़ने से मंडी मजदूरों को थोड़ी राहत अवश्य मिली है. क्योंकि आवक कम होने से अधिकांश मजदूरों को पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा था. गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा इस बार रबी सीजन में तलहन तिलहन की फसल लेने किसानों को प्रेरित किया गया था.
लेकिन सरकार के इस फैसले को अधिकांश किसानों ने दरकिनार कर धान की फसल लिया गया.
दूसरी ओर किसान पूरे सीजन भर पानी और बिजली की समस्या से जूझते रहे.
कई किसानों को तो बिजली कटौती से परेशान होकर धान लगाए रकबे को छोड़ना भी पड़ा.
यह समस्या हर साल की है. फिर भी किसानों में रबी सीजन में धान फसल लेने का मोह छूट नहीं रहा है.