बीजापुर मुठभेड़ में मारा गया आईईडी विस्फोट का मास्टरमाइंड
छत्तीसगढ़ के बीजापुर मुठभेड़ में मारा गया आईईडी विस्फोट का मास्टरमाइंड
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बीजापुर के नेशनल पार्क इलाके में मारे गए 31 माओवादियों में से 28 की शिनाख्त हो गई है. पुलिस का दावा है कि मारे गए सभी माओवादी हार्डकोर नक्सली थे. इनमें पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव डीवीसीएम हूंगा उर्फ सोनकू भी शामिल है.
उन पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था. हूंगा आईईडी विस्फोट का मास्टरमाइंड था.
इसके अलावा अन्य 27 माओवादियों पर 2 से 5 लाख रुपये तक के इनाम घोषित थे.
कुल सवा करोड़ के इनाम इस मठभेड़ में मारे गए माओवादियों पर घोषित थे.
तीन माओवादियों की पहचान होना बाकी है.
पुलिस के मुताबिक मारे गए हूंगा का नेशनल पार्क एरिया में 29 साल से आतंक था. वह साल 1996 से नक्सल संगठन में सक्रिय था.
वह साल 2006 में मुरकीनार कैंप पर हमला, साल 2007 में रानीबोदली कैंप पर हमला , साल 2013 में नुकनपाल कैम्प से निकली पुलिस पार्टी पर हमला और साल 2025 में अंबेली में पुलिस पार्टी के वाहन पर आईईडी ब्लास्ट की घटना में शामिल था.
उसके खिलाफ बीजापुर जिले के कई थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट, अपहरण, कैम्प अटैक और पुलिस पार्टी पर हमला जैसे मामले दर्ज थे.
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों में 11 महिला ओर 17 पुरुष माओवादियों की पहचान हुई है.
सभी 28 माओवादियों के शव को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है.
उन्होंने बताया कि मारे गए इनामी माओवादी हुंगा 6 जनवरी को सुरक्षाकर्मियों पर कुटरु में हुए हमले का मास्टरमाइंड था.
कुटरु मुठभेड़ में 8 डीआरजी के जवान शहीद हुए थे और एक सिविलियन ड्राइवर की भी जान गई थी.