महामाया और स्वर्णा धान के प्रमाणित बीज अमानक
छत्तीसगढ़ महामाया और स्वर्णा धान के प्रमाणित बीज अमानक
जांजगीर चांपा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल के बाद अब रबी फसल के प्रमाणित बीज भी अमानक पाए गए हैं.
कृषि विभाग के द्वारा भेजे गए सैंपलों में पांच सैंपल की रिपोर्ट सही नहीं है. इसलिए इन बीजों को अमानक घोषित करते हुए कृषि विभाग ने इसकी बिक्री पर रोक लगा दी है.
इसमें धान महामाया, धान स्वर्णा, मटर, चना और सरसों बीज शामिल है. जबकि धान महामाया और स्वर्णा ही किसानों की पहली पसंद है.
दरअसल जांजगीर-चांपा जिले के प्रक्रिया केन्द्र खोखसा के द्वारा रबी फसल के लिए कृषि विभाग को करीब 1900 क्विंटल प्रमाणित बीज का भंडारण कराया गया था. इसमें गेंहू, उड़द, चना, मटर, तिवरा, मसूर, सरसो, मूंगफली के प्रमाणित बीज शामिल थे.
बीजों की गुणवत्ता जांचने के लिए कृषि विभाग के द्वारा बीजों का सैंपल लिया गया था और जांच के लिए भेजा गया था. इसमें वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अकलतरा द्वारा जांच की गई तो धान महामाया और धान स्वर्णा के बीज अमानक निकला.
इसी तरह मटर आईपीएफडी 12-2, चना आरवीजी 202 और सरसो डीआरएमआरआईजे 31 का सैंपल भी अमानक निकला है. पिछले कुछ साल से किसान बीज बनाना छोड़कर प्रमाणित बीज पर ही भरोसा कर रहे हैं.
किसानों का मानना है कि प्रमाणित बीज को गुणवत्ता के साथ तैयार किया जाता है. जिसमें अच्छी फसल और बेहतर उत्पादन की गारंटी रहती है.
लेकिन किसानों के इस भरोसे को इस साल खरीफ और रबी दोनों फसलों में तगड़ा झटका लगा है.
प्रमाणित बीज के नाम पर बेचे गए बीज के अमानक निकलने से किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है.