MBBS पीजी प्रवेश प्रक्रिया रद्द, दोबारा होगी काउंसिलिंग
छत्तीसगढ़ MBBS पीजी प्रवेश प्रक्रिया रद्द, दोबारा होगी काउंसिलिंग
बिलासपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पीजी प्रवेश प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है.
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं के तर्कों के साथ ही शासन के जवाब को भी सुना.
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया को निरस्त करने का आदेश दिया है.
साथ ही राज्य सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है कि नए सिरे से पूरी प्रक्रिया संचालित करें.
इस फैसले से सभी प्रभावित छात्रों को लाभ मिलेगा.
प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में आदेश जारी किया है.
चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में महाधिवक्ता ने गड़बड़ी स्वीकार की थी, जिस पर कोर्ट ने स्ट्रे राउंड की काउंसिलिंग पर रोक लगा दी थी.
अपात्र उम्मीदवारों को गलत तरीके से किया शामिल
मेडिकल प्रवेश में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए डॉ. यशवंत राव और डॉ.पी.राजशेखर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.
दायर याचिका में कहा था कि नियमों के अनुसार सेवारत श्रेणी के तहत पात्रता के लिए उम्मीदवार को 31 जनवरी 2024 तक कम से कम तीन वर्षों की सेवा पूरी करनी अनिवार्य है.
लेकिन इस नियम को दरकिनार कर अपात्र उम्मीदवारों को गलत तरीके से सेवारत श्रेणी में शामिल किया गया है.
अधिकारियों ने सेवा अवधि की गणना कट ऑफ तारीख से आगे बढ़ा दी है, जिससे अयोग्य उम्मीदवारों को भी पात्र मान लिया गया है.
जबकि वे इस श्रेणी में आने के पात्र ही नहीं थे.
कोर्ट ने स्ट्रे राउंड की काउंसलिंग पर लगाई थी रोक
पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने गड़बड़ी की शिकायत विभाग के अफसरों से की थी.
लेकिन उन्होंने इस पर कार्रवाई करना जरुरी नहीं समझा. कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी.
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने पिछली सुनवाई के दौरान पाया कि एक निजी उम्मीदवार को नियम विरुद्ध कट आफ डेट के बाद सीट आवंटित की गई थी.
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने भी कोर्ट के सामने शिकायत को सही माना था, जिसके बाद कोर्ट ने स्ट्रे राउंड की काउंसलिंग पर रोक लगा दी थी.